सीआईए स्टाफ पुलिस ने जिला ट्रांसपोर्ट दफ्तर (डीटीओ) की मिलीभगत से बाहरी राज्यों से टैक्स डिफाल्टर भारी वाहनों और फाइनेंसरों की ओर से जब्त गाड़ियों के जाली बिल तैयार कर नई रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट बनाने के धंधे का पर्दाफाश किया है। थाना चड़िक पुलिस ने भी चोरी किए वाहनों की जाली रजिस्ट्रेशन तैयार करने वाले 3 सदस्यीय गिरोह के प्रमुख को काबू किया है।
डीएसपी (आई) सतपाल सिंह गिल ने बताया कि बलतेज सिंह उर्फ बब्बू का नई अनाज मंडी मोगा के पास ट्रांसपोर्ट एडवाइजर के नाम पर दफ्तर बनाया हुआ है। उन्होंने बताया कि सीआईए स्टाफ पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी डीटीओ की मिलीभगत से बाहरी राज्यों से टैक्स डिफाल्टर भारी वाहनों और फाइनेंसरों की ओर से जब्त गाड़ियों के जाली बिल तैयार कर नई रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट बना कर मोटी रकम बटोरता है।
उन्होंने बताया कि आरोपी यह जालसाजी डीटीओ दफ्तर के कर्मियों के अलावा डीटीओ दफ्तर की सुविधा केंद्र पर काम करते कुछ कर्मियों से मिलकर करता था। उन्होंने बताया कि पुलिस ने आरोपी के दफ्तर पर छापा मारा तो वहां से अलग-अलग जिला ट्रांसपोर्ट अफसरों और रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी की जाली रबड़ की मोहरें बरामद की गई हैं। उन्होंने बताया कि आरोपी के खिलाफ थाना सिटी में केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
उन्होंने कहा कि आरोपी को इलाका मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने आरोपी को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। उन्होंने बताया कि इस जालसाजी में अधिकारियों के अलावा डीटीओ दफ्तर के कर्मियों और डीटीओ दफ्तर की सुविधा केंद्र पर काम करते कुछ कर्मियों के शामिल बारे जांच की जा रही है।
थाना चड़िक पुलिस ने चोरी के वाहनों की जाली रजिस्ट्रेशन व अन्य दस्तावेज तैयार कर बेचने वाले 3 सदस्यीय गिरोह के प्रमुख को गिरफ्तार किया है। थाना चड़िक प्रमुख हैरी बोपाराय ने बताया कि गिरोह प्रमुख अमनदीप सिंह उर्फ अमना निवासी बाघापुराना को चोरी की ऑल्टो कार समेत गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरोह में हेमराज और राजीव मित्तल निवासी बाघापुराना की गिरफ्तारी के लिए छापामारी की जा रही है।