पुलिस विभाग में भर्ती और ट्रांसफर करवाने के नाम पर अब तक करीब 100 करोड़ रुपये कमा चुके अमन दीप उर्फ स्कोडा को ओडिशा से गिरफ्तार करके फिरोजपुर की थाना घल्लखुर्द पुलिस ने सोमवार को अदालत में पेश किया।
जहां से उसे 2 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। स्कोडा की गिरफ्तारी के बाद सूबे से कई पुलिस अधिकारी बेहद चिंतित हैं जिनकी शह पर यह अपना नेटवर्क चलाता था। उपमुख्यमंत्री के हलका जलालाबाद के छोटे से गांव खिलचिंयां पन्नूवाली निवासी स्कोडा गांव से आकर फाजिल्का में रहने लगा था और पुलिस अधिकारियों के संरक्षण में पिछले करीब 6 वर्षों से पुलिस विभाग में नई भर्तियां करवाने, अधिकारियों की बदलियां तथा पदोन्नतियां आदि करवाने के लिए पर भारी धनराशि वसूलता था।
स्कोडा की करतूतों का खुलासा वर्ष 2014 में पहली बार हुआ जब अबोहर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर पूछताछ में कई खुलासे किए। इसके बाद जून 2015 में फाजिल्का में भी स्कोडा पर अवैध वसूली का मामला दर्ज हुआ। 29 जनवरी 2016 को थाना घल्लखुर्द पुलिस ने स्कोडा के खिलाफ एक सरपंच की शिकायत पर 1.20 करोड़ रुपये ठगी का मामला दर्ज किया। जो इसने मोहाली के दो पुलिस कर्मचारियों के सहयोग से 11 युवकों को पुलिस में भर्ती करवाने के नाम पर वसूले थे। तीन दिन पूर्व फिरोजपुर पुलिस ने बेहद गुप्त सूचना के आधार पर इसे ओडिशा से गिरफ्तार कर शुक्रवार रात को फिरोजपुर लाया गया। जिसे सोमवार को अदालत में पेश किया गया। जहां से योग्य न्यायाधीश ने उसे 2 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेजने के आदेश जारी किए।
गौरतलब है कि स्कोडा के काले कारनामों से दुखी सांसद शेर सिंह घुबाया ने भी उपमुख्यंत्री सुखबीर सिंह बादल के संगत दर्शन में इसकी शिकायत करते हुए कहा था कि पुलिस विभाग में उनकी नहीं बल्कि अमनदीप स्कोडा की चलती है। सूत्र बताते हैं कि पंजाब पुलिस के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी से भी स्कोडा के मधुर संबंध थे। पुलिस इंस्पेक्टर गुरमीत सिंह पिंकी से इसने सुमेध सिंह सैनी के नाम पर 50 लाख रुपये वसूले थे। पता चला है कि इतने संगीन आरोपों में गिरफ्तार होने के बाद भी उसे हिरासत में वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा है।