दुष्कर्म मामले के आरोपी की अग्रिम जमानत खारिज
बहुचर्चित छात्रा अपहरण कांड के पीड़ित पिता पर दर्ज है केस
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदकोट। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस फतेहदीप सिंह की अदालत ने नेपाली लड़की को सरकारी नौकरी का झांसा देकर दुप्कर्म करने के आरोप से घिरे फरीदकोट के बहुचर्चित नाबालिग छात्रा के अपहरण और दुराचार मामले के पीड़ित पिता की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। आरोपी के खिलाफ थाना कोतवाली पुलिस ने 27 सितंबर 2018 को लड़की की शिकायत पर पड़ताल के बाद दुराचार का केस दर्ज किया था। इस केस में जिला अदालत ने भी 13 अक्तूबर को आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
जानकारी के अनुसार पुलिस के पास 26 वर्षीय नेपाली लड़की ने शिकायत दी थी कि वह 2016 में एक निजी मोबाइल कंपनी के शोरूम पर काम करती थी। वहां पर फरीदकोट निवासी उक्त व्यक्ति भी बतौर ग्राहक आता जाता था। जुलाई 2018 में उनका फेसबुक पर भी कनेक्शन हो गया। घटना से एक माह पहले आरोपी ने लड़की को फोन करके हालचाल पूछा और कहा कि अब वह क्या काम करती है। जब लड़की ने कहा कि वह सरकारी नौकरी की तलाश कर रही है। आरोपी ने झांसा दिया कि उसकी पत्नी सरकारी नौकरी करती है, वह उसे भी नौकरी पर लगवा देगी। बयान के मुताबिक घटना वाले दिन 31 अगस्त को आरोपी ने लड़की को फोन पर बताया कि उनके घर पर सरकारी विभाग वाले आए हैं और वह अपने प्रमाण पत्र लेकर उनके घर आ जाए। जब लड़की घर पहुंची तो वह अपने घर पर अकेला था। वहां आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया और धमकी दी कि उसने वीडियो बना ली है और यदि किसी को कुछ बताया तो वह वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा।
उक्त केस को लेकर फरीदकोट पुलिस काफी दुविधा में है। पुलिस को आशंका है कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद शहर में सामाजिक आंदोलन खड़ा हो सकता है क्योंकि आरोपी भी दुष्कर्म पीड़िता का पिता है और उनके केस में दोषी की गिरफ्तारी के लिए शहर में बड़े स्तर पर आंदोलन हुआ था।