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बीमारी का बहाना बनाकर क्लीनिक के पिछले दरवाजे से आरोपी फरार

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एनडीपीएस केस में पकड़ा आरोपी फरार, एसआई और कांस्टेबल सस्पेंड
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इंजेक्शन लगाते ही आरोपी को आई उल्टी, बाथरूम के रास्ते हुआ फरार
अदालत में पेश करने ले जाते समय आरोपी ने बीमार होेने की बात कही थी
सिविल अस्पताल के बजाय ले गए निजी क्लीनिक
अमर उजाला ब्यूरो
कपूरथला। दो पुलिस कर्मियों को एनडीपीएस एक्ट में नामजद आरोपी को सिविल अस्पताल की बजाय निजी क्लीनिक पर ले जाना महंगा पड़ गया। अदालत में पेश करने के लिए ले जाते समय आरोपी ने बीमारी का बहाना बनाया और पुलिस कर्मी उसे मोहल्ले के क्लीनिक पर ले गए, जहां पर इंजेक्शन लगाते ही आरोपी उल्टी करने लगा। जैसे ही वह क्लीनिक के बाथरूम में उल्टी करने गया तो वहां से पीछे के दरवाजे के रास्ते गली में से फरार हो गया। दोनों पुलिस कर्मियों के खिलाफ थाना सिटी में केस दर्ज करने के बाद मुअत्तल कर दिया गया है।
थाना कोतवाली के हेडकांस्टेबल गुरजीत सिंह ने सिटी पुलिस को दिए बयान में बताया कि थाना कोतवाली की पुलिस ने चार अक्टूबर को आरोपी टहल सिंह उर्फ टहला निवासी विला कोठी को एनडीपीएस एक्ट के मामले में नामजद करके गिरफ्तार किया था। जिसे पांच अक्टूबर की दोपहर को एसआई गुरमीत सिंह और सिपाही इमताव के साथ आरोपी टहल सिंह को अदालत में पेश करने के लिए न्यू ज्यूडीशियल कांप्लेक्स नूरपुर दोनां के लिए रवाना किया था। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे सिपाही इमताव का फोन आया कि रास्ते में आरोपी बीमार हो गया और उन लोगों ने उसे सेहत खराब होने पर मोहल्ला जट्टपुरा स्थित एक क्लीनिक पर ले गया। जहां पर उसके इंजेक्शन लगाते ही वह उल्टियां करने लग पड़ा। इस पर वह क्लीनिक के एक साइड में बने बाथरूम में उल्टी करने चला गया, लेकिन काफी देर तक जब वह बाहर नहीं आया तो उन्होंने बाथरूम में जाकर देखा तो वह बाथरूम के पीछे गली में खुलने वाले दरवाजे के रास्ते फरार हो गया। उन लोगों ने उसकी बहुत तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। थाना सिटी की पुलिस ने दोनों पुलिस कर्मियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। दोनों को मुअत्तल कर दिया गया है।
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दोनों कर्मी संदेह के घेरे में
अमूमन पुलिस आरोपियों को उपचार के लिए सिविल अस्पताल लेकर जाती है। लेकिन यहां पर पुलिस कर्मी उसे सिविल अस्पताल ले जाने के बजाय निजी क्लीनिक ले गए। ऐसी कौन सी मजबूरी थी कि उसे सिविल अस्पताल नहीं ले जाया जा सका। पुलिस की कहानी से दोनों पुलिस कर्मी संदेह के घेरे में आ गए हैं कि कहीं आरोपी को भागने में पुलिस कर्मियों ने तो मदद नहीं की।
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