विजिलेंस ने 18 रेल कर्मियों का दो साल का रिकार्ड लिया कब्जे में
रेल डिवीजन फिरोजपुर की इलेक्ट्रिकल विभाग में टीए घोटाला
इलेक्ट्रिकल विभाग के क्लर्क का तबादला कर भेजा कटड़ा
टीए के पांच हजार के पीछे जीरो लगाकर पचास हजार रुपये वसूलते थे रेलकर्मी
जालंधर इलेक्ट्रिकल विभाग में विजिलेंस ने की कार्रवाई
अनिल कुमार
फिरोजपुर।
रेलवे विजिलेंस टीम ने इलेक्ट्रिकल विभाग फिरोजपुर में छापेमारी कर फर्जी ट्रेवलिंग अलाउंस (टीए) घोटाला पकड़ा है। टीम अपने साथ उन 18 रेलकर्मियों का दो साल का रिकॉर्ड दिल्ली ले गई है, जो फर्जी टूर बनाकर टीए वसूलते रहे। विजिलेंस इसी प्रकार का घोटाला जालंधर इलेक्ट्रिकल विभाग में पकड़े जाने की बात कह रही है, ये सिलसिला लंबे समय से चल रहा था। इस घपेलबाजी की शिकायत इसी विभाग के एक रेलकर्मी ने विजिलेंस से की थी। घोटाले के उजागर होते ही संबंधित विभाग के एक क्लर्क का तबादला कर कटड़ा भेज दिया है।
सूत्रों के मुताबिक फिरोजपुर के रेलवे पावर हाउस की इलेक्ट्रिकल विभाग में दिल्ली से आई विजिलेंस टीम ने छापेमारी की। टीम ने टीए से संबंधित रिकॉर्ड खंगालना शुरू किया तो उसमें कई खामियां सामने आईं। रेलकर्मी टूर पर न जाकर फर्जी टीए बनाकर पिछले कई महीनों से पैसे वसूलते आ रहे थे। इस बात की जानकारी संबंधित विभाग के क्लर्क और अधिकारियों को भी थी, लेकिन ये मामला मिलीभगत से चलता रहा। टीम ने दो साल का रिकॉर्ड चेक किया। फिरोजपुर के ऐसे लगभग 18 रेलकर्मी हैं, जो फर्जी टीए लेेते रहे और टीए की रकम भी बहुत अधिक बनाते थे। कुछेक रेलकर्मी दस्तावेज में लिखे पांच हजार के पीछे एक जीरो लगाकर उसे पचास हजार रुपये कर देते थे और अन्य विभाग के कर्मियों से मिलकर उसे पास करा लेते थे।
जानकारों का कहना है कि पिछले लगभग दस साल का रिकार्ड विजिलेंस चेक कर रहे तो बड़ा घोटाला सामने आएगा, क्योंकि ऐसे कई लोग हैं जो इलेक्ट्रिकल पावर हाउस में थे और दूसरे विभाग में चले गए हैं, ये घोटाला लंबे समय से चल रहा है इसमें कई रेलकर्मी फंसेंगे। उधर, इस संबंध में रेल मंडल कार्यालय फिरोजपुर का कोई भी अधिकारी बात करने को तैयार नहीं है।