फिरोजपुर। चीफ ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट (फिरोजपुर) अनीश गोयल की अदालत ने कैंटोनमेंट बोर्ड में शिक्षक घोटाला के बारे में क्रिमिनल कंप्लेंट में शामिल कुछ वरिष्ठ अधिकारियों की जांच के लिए थाना कैंट पुलिस को आदेश दे दिए हैं। पुलिस सोलह दिसंबर तक अदालत को अपनी जांच रिपोर्ट सौंपेगी।
वर्ष 2014 और 2015 में फिरोजपुर कैंटोनमेंट बोर्ड के स्कूलों में बिना टेट परीक्षा पास करने वाले शिक्षकों की भर्ती की गई थी। केंद्र सरकार ने वर्ष 2010 में एक नोटिफिकेशन जारी करके सरकारी स्कूलों में बिना टेट परीक्षा पास किए शिक्षकों की भर्ती न करने की बात कही थी। बोर्ड के कुछेक अधिकारियों ने अपने फायदे के लिए नियमों को ताक पर रखकर शिक्षकों की भर्ती की थी। शिक्षक भर्ती घोटाले की अदालत में क्रिमनल कंप्लेंट दायर करने वाले फिरोजपुर छावनी के निवासी पुनीत सूद ने बताया कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में उच्चस्तरीय एजेंसियों से कैंटोनमेंट बोर्ड के शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच करवाने के बारे में वर्ष 2016 में एक याचिका दायर की थी। इसी पर हाईकोर्ट ने आदेश दिए थे कि सूद अदालत में फौजदारी मुकदमा कर सकते हैं। सूद ने कहा कि इस आदेश पर उसने फिरोजपुर में चीफ ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट अनीश गोयल की अदालत में तत्कालीन सीईओ विजय भास्कर, तत्कालीन सीईओ ओम पाल, एसडीई सतीश, भर्ती शिक्षक के अतिरिक्त अन्य अधिकारी और मुलाजिमों के खिलाफ केस किया था।