टिकट होने के बावजूद जालंधर के एक यात्री को चाइना एयरलाइंस ने ताइवान से सैन फ्रांसिस्को की फ्लाइट में सफर नहीं करने दिया। उपभोक्ता अदालत ने यात्री की शिकायत पर फैसला सुनाते हुए चाइना एयरलाइंस पर 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इसमें 10 हजार यात्री व पांच हजार कमीशन के लीगल एड अकाउंट में जमा कराने होंगे।
जालंधर के रहने वाले जगदीप सिंह को 20 दिसंबर 2016 को अमेरिका जाना था। उन्होंने चाइना एयरलाइंस की टिकट खरीदी थी। उनकी टिकट कंफर्म थी। जगदीप को दिल्ली से ताइवान के रास्ते सैन फ्रांसिस्को जाना था और इसी फ्लाइट से वापस भी लौटना था। जगदीप की टिकट के मुताबिक, 20 दिसंबर 2016 को वह दिल्ली एयरपोर्ट से चाइना एयरलाइंस में सवार होकर ताइवान पहुंचे।
इसके बाद उन्हें ताइवान से अमेरिका जाने वाली फ्लाइट में सवार नहीं होने दिया गया। ताइवान से फिर बिना टिकट सिर्फ बोर्डिंग पास पर दिल्ली वापस भेज दिया गया। जगदीप ने कंपनी को शिकायत की लेकिन कोई संतोषजनक उत्तर न मिलने के कारण जगदीप ने उपभोक्ता फोरम में केस दायर किया।
चाइना एयरलाइंस ने अपना पक्ष रखा कि उन्हें अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट से ऑफिशियल व कॉन्फिडेंशियल कम्युनिकेशन आया था कि फ्लाइट में सिक्योरिटी का खतरा है। इसी कारण जगदीप को फ्लाइट से अमेरिका नहीं जाने दिया गया। सिक्योरिटी को खतरे का मामला उनके कंट्रोल से बाहर की बात है। जिला उपभोक्ता फोरम के प्रेसिडेंट कुलजीत सिंह व उपभोक्ता अदालत की सदस्य ज्योत्सना ने चाइना एयरलाइंस को दोषी पाया और कंपनी पर जुर्माना लगाया।