जिले के जैतो आरक्षित विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी ने किसी नए चेहरे को मैदान में उतारने की तैयारी कर ली है। पार्टी की नीति को भांपते हुए यहां से मौजूदा विधायक व जिला कांग्रेस प्रधान जोगिंदर सिंह पंजगराईं ने भी क्षेत्र से नाता तोड़ सा लिया है और इन दिनों वह मुक्तसर जिले केमलोट आरक्षित विधानसभा क्षेत्र में अपनी राजनीतिक जमीन तैयार करने में जुट गए। पार्टी सूत्रों पर यकीन करें तो जैतो सीट से गायक हंसराज हंस को मैदान में उतारा जा सकता है।
साल 2012 के विधानसभा चुनाव से पहले हुए परिसीमन में फरीदकोट की पंजगराईं विधानसभा सीट को खत्म करके लंबे समय से कोटकपूरा सीट का हिस्सा रहे जैतो को नई विधानसभा सीट का दर्जा दिया गया था। 2007 में पहचान खोने वाले पूर्ण रूप से ग्रामीण पंजगराईं सीट पर 6 चुनावों में से 5 बार चुनाव लड़ कर पांचों बार शिअद के सीनियर नेता गुरदेव सिंह बादल विधायक बने और साल 2007 के चुनाव में कांग्रेस के जोगिंदर सिंह ने गुरदेव सिंह बादल के विजयी अभियान को रोक दिया था।
नए परिसीमन में इस क्षेत्र को ही खत्म कर दिया गया और क्षेत्र के पंजगराईं व कोटकपूरा के कुछ गांवों को मिलाकर जैतो सीट की सृजना की गई। 2012 में जैतो सीट पर पहली बार हुए चुनाव में भी कांग्रेस के जोगिंदर सिंह पंजगराईं ने शिअद के गुरदेव सिंह बादल को शिकस्त दी। जोगिंदर सिंह पंजगराईं को दो बार विधायक बनने का मौका मिला, लेकिन दोनों बार उनकी पार्टी विपक्ष में बैठी जिसके चलते वह विधानसभा क्षेत्र में अपनी पकड़ नहीं बना पाए।
बताया जा रहा है कि पंजाब में कांग्रेस के प्रचार की कमान संभाल रहे रणनीतिकार प्रशांत किशोर की टीम ने अपने प्राथमिक सर्वे में जोगिंदर सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दी थी। अपनी टिकट कटने की संभावना देखते हुए विधायक ने खुद ही नए क्षेत्र की और रुख कर लिया। पिछले 4-5 माह से वह मलोट क्षेत्र में सरगर्मी कर रहे हैं और वहां से कांग्रेस टिकट की दावेदारी जता रहे है।
उधर जैतो सीट से टिकट के लिए कांग्रेस हाईकमान के पास विधायक के अलावा तीन अन्य नेताओं बेअंत सिंह बुर्ज जवाहर सिंह वाला, दर्शन सिंह सहोता व मंगल सिंह संधवा ने आवेदन भरे थे। विधायक के क्षेत्र छोड़ने के बाद अध्यापक नेता अवतार सिंह सहोता व कोटकपूरा के पूर्व पार्षद गुरसेवक सिंह ने भी दावेदारी जतानी शुरू कर दी है लेकिन इन दावेदारों में से किसी को भी फिलहाल मजबूत उम्मीदवार नहीं आंका जा रहा है और हाईकमान हंसराज हंस जैसे बड़े नए चेहरे को मैदान में उतारने की मंशा रखती है।
पीपीसीसी महासचिव कुशलदीप सिंह ढिल्लों ने कहा कि पार्टी ने अभी किसी भी सीट से उम्मीदवार का नाम तय नहीं किया है और हाईकमान हर सीट पर जीत अर्जित करने की क्षमता रखने वाले नामों पर मंथन कर रही है।