पूर्व सीएम चरणजीत चन्नी के साथ भूपिंदर हनी।
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अवैध खनन और मनी लांड्रिंग मामले में फंसे पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के भांजे भूपिंदर सिंह हनी और उसके साथी कुदरतदीप सिंह के खिलाफ जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोप तय कर दिया है। मामले का ट्रायल एक नवंबर से शुरू होगा और पहले केस की गवाहियां होंगी। गौरतलब है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हनी को तीन फरवरी को गिरफ्तार किया था।
हनी के ठिकाने से लगभग 7.9 करोड़ जबकि उससे जुड़े संदीप कुमार के परिसर से लगभग दो करोड़ रुपये जब्त किए गए थे। इतनी बड़ी राशि कहां से उसके पास आई, इसके बारे में हनी कोई जवाब नहीं दे सका था। ईडी की जांच में सामने आया था कि पैसा अधिकारियों के तबादले से भी एकत्रित किया गया था। जांच की आंच पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के भांजे हनी तक जा पहुंची। जालंधर की ईडी इस मामले में चन्नी से भी पूछताछ कर चुकी है।
पीएमएलए के तहत दायर की थी चार्जशीट
ईडी ने स्पेशल प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत जज रुपिंदरजीत चहल की अदालत में चार्जशीट दायर की थी। चार्जशीट के मुताबिक भूपिंदर सिंह हनी, कुदरतदीप सिंह और संदीप कुमार प्रोवाइडर्स ओवरसीज सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक थे। इस कंपनी को 2018 में बनाया गया था। इसी साल शहीद भगत सिंह नगर की पुलिस ने अवैध खनन में कुदरतदीप सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया था।