नाके पर तैनात पुलिस के दो मुलाजिमों को पीटकर जख्मी करने और एएसआई से बहस करने के आरोप में थाना सिटी पुलिस ने ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन (एआईएसएफ) के सीनियर नेता समेत सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।
कोरोना बीमारी के चलते पुलिस ने मन्ने वाला रोड को तार लगाकर सील किया था। क्षेत्र को खुलवाने के लिए जत्थेबंदी के नेताओं के साथ एएसआई जगदीश सिंह की बहस हो गई थी। सोमवार रात आठ बजे एएसआई ड्यूटी खत्म कर घर चला गया था। नाके पर पुलिस मुलाजिम बलविंदर सिंह समेत दो लोगों की ड्यूटी थी, जिन्हें चार नकाबपोश लाठियों से पीटकर फरार हो गए थे। एएसआई सर्बजीत सिंह ने बताया कि पुलिस मुलाजिम बलविंदर सिंह समेत दो लोगों पर लाठियों से हमला करने के आरोप में मलकीत सिंह, निर्मल सिंह वासी पीरे के उताड़ और गुरपिंदर सिंह वासी चक्क रूमवाला और तीन अज्ञात लोगों पर मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
उधर, सीपीआई के वरिष्ठ नेता हंसराज गोल्डन ने बताया कि उनकी जलालाबाद के डीएसपी जसपाल सिंह के साथ बैठक हुई है, इसमें उन्हें बताया गया कि पुलिस मुलाजिमों पर लाठियों से हमला एआईएसएफ के नेता नरिंदर सिंह ढाबां ने नहीं किया है। गोल्डन ने बताया कि ढाबां की भाभी की जलालाबाद अस्पताल में डिलीवरी होने वाली थी। डिलीवरी होते ही बच्चा मर गया। सील इलाके में ढाबां का घर था। इस कारण ढाबां को क्षेत्र में चार-पांच बार आना जाना पड़ा और एएसआई जगदीश सिंह के साथ कहासुनी हुई। सोमवार को ढाबां अपने परिवार की तीन महिलाओं के साथ घर जा रहा था। इलाका सील था और रास्ते में लकड़ी के बड़े-बड़े बाले लगाए थे, इन्हें हटाने के लिए पुलिस मुलाजिमों को कह रहा था। गोल्डन ने पुलिस को विश्वास दिलवाया कि रात के समय दो पुलिस मुलाजिमों पर जो हमला किया है, वो उनके बंदे नहीं थे। ये बात पुलिस ने मान ली है, ढाबां पर सिर्फ एएसआई के साथ बहस करने का मामला दर्ज है। पुलिस मुलाजिमों पर हमला करने संबंधी कोई मामला उन पर दर्ज नहीं है।