कपूरथला। शहर में ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब पर कब्जा करने तथा तोड़फोड़ करने के आरोप में आम आदमी पार्टी के जिला प्रधान के माता-पिता तथा भाई सहित 6 लोगों पर विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है। मामला 2 दिन पुराना है। पहले तो पुलिस अधिकारियों तथा कुछ बुद्धिजीवियों ने इसे सुलझाने का प्रयास किया। जब बात नहीं बनी तो शुक्रवार को केस दर्ज किया।
ऐतिहासिक धार्मिक स्थल गुरुद्वारा साहिब बाविया सेवा सोसायटी कपूरथला के प्रधान उज्जल सिंह ने शिकायत दी कि 6 जून को रात 9 बजे जगीर सिंह सिद्धू वासी अर्बन एस्टेट का फोन आया कि गुरुद्वारा साहिब में 13-14 लोग आए हैं। इनमें मनजीत बहादुर सिंह बावा, दविंदरपाल कौर व वीर कमलजीत सिंह बावा वासी मोहल्ला साहिबजादा फतेह सिंह नगर अपनी नैनो कार में हैं, जबकि मनमोहन सिंह वालिया वासी शेखूपुर रोड, परमजीत सिंह वासी गुरु नानक नगर, सुरजीत सिंह उर्फ विक्की वासी सीनपुरा भी साथ हैं और झगड़ा कर रहे हैं।
सूचना मिलते के बाद वह करीब रात 9.30 बजे गुरुद्वारा साहिब पहुंचे। उन्होंने देखा कि मनजीत बहादुर बावा व वीर कमलजीत सिंह बावा के हाथों में किरपाण थी, जबकि दविंदरपाल कौर ने ग्रंथी कर्मजीत सिंह से गुरुद्वारा साहिब की चाबियां व मोबाइल ले लिया था। ग्रंथी कर्मजीत सिंह को उक्त लोगों ने अपने 7-8 साथियों के साथ मिलकर कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद कार्यालय में रखे 27 हजार 650 रुपये व सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर चुरा ली। आरोपियों ने कार्यालय का रिकार्ड भी कब्जा लिया। आरोपियों ने किसी व्यक्ति की शह पर इस घटना को अंजाम दिया है।
सिटी थाना पुलिस ने मनजीत बहादुर सिंह बावा, दविंदरपाल कौर, वीर कमलजीत सिंह बावा, मनमोहन सिंह, परमजीत सिंह व सुरजीत सिंह उर्फ विक्की को नामजद करते हुए 14 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। बता दें कि मनजीत बहादुर सिंह बाबा, दविंदर पाल कौर आम आदमी पार्टी के जिला प्रधान गुरपाल सिंह इंडियन के माता-पिता हैं तथा वीर कमलजीत सिंह बाबा छोटा भाई है। सुरजीत सिंह उर्फ विक्की आम आदमी पार्टी में सक्रिय नेता हैं। आप के जिला प्रधान गुरपाल सिंह इंडियन ने कहा कि वह अपने माता पिता से पिछले 12 सालों से अलग रह रहे हैं।
इस मामले में अकाली व कांग्रेस राजनीतिक दखलअंदाजी कर सियासत का खेल खेल रहे हैं। मनजीत सिंह बावा ने कहा कि यह गुरुद्वारा साहिब उनके वंशज से संबंधित है। दूसरी पार्टी के लोग बावा बिरादरी से संबंध नहीं रखते है ंऔर न ही उनमें से कोई सदस्य अमृतधारी सिख है। गुरुद्वारा साहिब का मामला कोर्ट में विचाराधीन है।