अपने माता-पिता को कनाडा लाने के इच्छुक अप्रवासियों के लिए न्यूनतम आय की आवश्यकता चुपचाप बढ़ा दी गई है। आव्रजन और नागरिकता विभाग के अनुसार, माता-पिता और दादा-दादी कार्यक्रम के तहत प्रायोजित होने वाले कनाडाई नागरिकों या स्थायी निवासियों के लिए न्यूनतम आय की आवश्यकता 47,549 कनाडा डाॅलर वार्षिक होनी चाहिए।
यह राशि पिछले साल लागू आवश्यकता से 8 फीसदी के करीब अधिक है और केवल तभी लागू होगी जब परिवार में केवल दो सदस्य हों। यदि परिवार में तीन सदस्य हैं, तो वार्षिक आय की आवश्यकता 58,456 कनाडा डाॅलर हो जाती है और यह राशि 2024 में लागू आवश्यकता से 8 फीसदी अधिक है।
भारत से अपने अभिभावकों को कनाडा में पीआर के आवेदन दिलाने के लिए 4 सदस्यों की वार्षिक आय 71 हजार डॉलर होनी चाहिए।
लटक जाएंगी काफी आवेदकों की फाइलें
पंजाबी मूल के लोग ही इसका सबसे अधिक फायदा लेकर अपने अभिभावकों की पीआर का आवेदन करते हैं। लिहाजा चुपचाप नियम बदले से काफी लोगों को झटका लगा है। वीजा 24 की एमडी पूजा सचदेवा का कहना है कि इससे काफी आवेदकों की फाइलें अटक जाएंगी। उनको अपने पेरेंट्स को बुलाने के लिए या तो अपना वेतन बढ़वाना होगा अन्यथा नौकरी बदलकर उच्च पगार की नौकरी खोजनी होगी।
हाल ही में आव्रजन विभाग ने माता-पिता और दादा-दादी कार्यक्रम के तहत 10 हजार नए आवेदन स्वीकार करने की घोषणा की है और 17 हजार से अधिक संभावित प्रायोजकों को आवेदन जमा करने के लिए निमंत्रण भेजने की प्रक्रिया 28 जुलाई से शुरू की जा रही है। जिन प्रवासियों को रुचि की अभिव्यक्ति जमा करने के बावजूद 28 जुलाई के बाद प्रायोजन जमा करने का पुख्ता निमंत्रण नहीं मिला है, उनसे सुपर वीजा या 10 साल के मल्टीपल एंट्री वीजा का विकल्प चुनने की अपील की गई है।
सुपर वीजा के जरिये प्रवासियों के माता-पिता, दादा-दादी या परदादा-परदादी कनाडा में पांच साल तक रह सकते हैं। प्रायोजन जमा करने के निमंत्रण 28 जुलाई से भेजे जाएंगे, इसके अलावा कनाडा में मौजूदगी के दौरान 2 साल की अवधि को और बढ़ाया जा सकता है। आव्रजन पर वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार 2023 के अंत तक, पीआर के तहत माता-पिता और दादा-दादी की श्रेणी में 40 हजार से अधिक प्रायोजन आवेदन लंबित थे और प्रसंस्करण समय दो वर्ष होने का अनुमान है।
कनाडा के रहने वाले इमिग्रेशन एक्सपर्ट परविंदर सिंह का कहना है कि यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि कनाडा में महंगाई व मकान के किराए चरम पर पहुंच चुके हैं। जिस प्रार्थी के पास उपयुक्त पगार नहीं है तो वह अपने अभिभावकों की देखभाल कैसे करेगा?