आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के दोआबा आगमन से पहले पूर्व विधायक व आप नेता सुखपाल सिंह खैरा ने बादल पिता-पुत्र पर आरटीआई बम फोड़ा है।
आप सुप्रीमो के समक्ष अपनी क्रियाशीलता दिखाते हुए खैरा ने सीएम प्रकाश सिंह बादल व डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल पर भ्रष्ट मंत्रियों व अधिकारियों को शह देकर बचाने के आरोप लगाए हैं। खैरा ने बताया कि उनकी ओर से जिला परिषद कपूरथला के मुख्य अधिकारी को डाली गई आरटीआई के 33 पन्नों के जवाब में 1.8 करोड़ रुपये के घपले का मामला सामने आया है।
इसमें तत्कालीन एडीसी-डी-कम-सीईओ जिला परिषद सतीश चंद्र वशिष्ठ, सीईओ जिला परिषद बलजीत सिंह संधू, बीडीपीओ ढिलवां निरवैल सिंह, एक पंचायत सचिव, एक पूर्व सरपंच को मिलीभगत करके 411 अयोग्य लाभार्थियों को 1.80 करोड़ रुपये वितरित करने का आरोपी पाया गया था।
मामले को लेकर तत्कालीन डीसी ने सीईओ जिला परिषद की अगुवाई में पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया था। इस कमेटी ने जनवरी माह में जांच करके आरोपियों को दोषी पाते हुए वित्त आयुक्त, पेंडू विकास व पंचायत पंजाब को उक्त अफसरों के खिलाफ सरकारी फंड का दुरुपयोग करने के तहत कार्रवाई करने के लिए लिखा।
इस पत्र में उक्त आरोपियों से 1.8 करोड़ रुपये की रिकवरी की भी सिफारिश की गई। उन्होंने कहा कि दो माह बीतने के बावजूद इनके खिलाफ कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। मामले का मास्टरमाइंड अधिकारी सतीश चंद्र वशिष्ठ इस समय रोपड़ में एडीसी सामान्य के पद पर कार्यरत है।
खैरा ने आरोप लगाया कि इस मामले के अन्य आरोपी भी सरेआम घूम रहे हैं जबकि एक अधिकारी रिटायर होने के बाद अपने सभी लाभ भी ले चुका है। इससे पहले मलूका किताब घोटाले में फर्जी कमीशन का गठन करके मंत्री सिकंदर सिंह मलूका को क्लीन चिट दी जा चुकी है।