-सेना के अधिकारियों ने सरवन को फिर किया सम्मानित
-ऑपरेशन सिंदूर के समय सैनिकों को पहुंचाई थी खाने-पीने की सामग्री
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अनिल कुमार
फिरोजपुर। ऑपरेशन सिंदूर के समय सरहद पर सैनिकों को खाने-पीन की सामग्री पहुंचाने वाले 10 साल के सिविल वॉरियर सरवन सिंह को सेना ने गोद ले लिया है। सेना उसकी शिक्षा और इलाज का पूरा खर्च उठाएगी। शनिवार शाम को फिरोजपुर में सेना की छावनी में एक समारोह के दौरान पश्चिमी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार ने तारा वाली (ममदोट) के रहने वाले सरवन को फिर से सम्मानित किया। इसी समारोह में सेना ने सरवन को गोद लेने की घोषणा की।
सरवन शुगर की बीमारी से पीड़ित है। उसके इलाज का खर्च भी सेना उठाएगी। बीमारी की परवाह किए बिना वह ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सैनिकों को ठंडा पानी, बर्फ, चाय, दूध व लस्सी पहुंचाता रहा। गांव तारा वाली से सरहद की दूरी दो किलोमीटर है। उसके साहस और उत्साह को देखते हुए भारतीय सेना की गोल्डन एरो डिवीजन ने उसकी शिक्षा का पूरा खर्च उठाने का संकल्प लिया है।
बड़ा होकर सेना में भर्ती होना चाहता है
सरवन के पिता सोना सिंह ने बताया कि उनका बेटा इस समय चौथी कक्षा में पढ़ता है और बड़ा होकर सेना में भर्ती होना चाहता है। सैनिक उसे बहुत प्यार करते हैं। 18 जुलाई को ममदोट के स्कूल में सरवन का दाखिला करवाया गया।
फोटो कैप्शन: फिरोजपुर के ममदोट स्कूल में सरवन का दाखिला करवाते सेना के अधिकारी।