नकोदर। सड़क हादसे में घायल एक कैदी निजी अस्पताल से पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। पुलिस ने 13 घंटे के भीतर कैदी को मैहतपुर के इलाके से काबू कर लिया है। यह कैदी चूरा पोस्त के केस में 12 साल की सजा काट रहा था और एक माह के लिए पैरोल पर बाहर आया था। सड़क हादसे में घायल होने के कारण वह पैरोल का समय पूरा होने के बाद भी जेल नहीं पहुंचा था। इस पर पुलिस ने निजी अस्पताल में कैदी के पास पुलिस कर्मियों की ड्यूटी भी लगा दी थी, लेकिन पुलिस पहरे के बावजूद वह फरार हो गया। मामले में तीन पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि तीनों पुलिस कर्मियों सहित नौ लोगों पर मामला दर्ज किया गया है। मैहतपुर थाना के प्रभारी सुरिंदर पाल ने बताया कि बलवंत सिंह पुत्र इंद्र सिंह निवासी गांव गौंसूवाल 2008 में जेल में 12 साल की सजा काट रहा था। पिछले महीने वह एक माह के लिए पैरोल पर आया था। 6 नवंबर को सड़क हादसा होने के कारण वह निजी अस्पताल में भर्ती हो गया और पैरोल का समय पूरा होने के बाद भी जेल नहीं लौटा। इस पर पुलिस ने पहरा लगा दिया।
वीरवार देर रात बलवंत सिंह को उसका बेटा कुलविंदर सिंह, भतीजा जसविंदर सिंह और उसके दो-तीन साथी तैनात पुलिस कर्मी को चकमा देकर फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस ने छापामारी शुरू कर दी और महज 13 घंटे के भीतर ही आरोपी को मैहतपुर से काबू कर लिया। इस मामले में बलवंत सिंह, उसके बेटे कुलविंदर सिंह, भतीजे जसविंदर सिंह, हैड कांस्टेबल चरणजीत सिंह, हैड कांस्टेबल रछपाल सिंह और मंदीप सिंह सहित तीन अज्ञात पर मामला दर्ज कर लिया है। एसपी डी (देहाती) राजिंदर सिंह ने बताया कि अपनी ड्यूटी में कोताही बरतने वाले तीनों पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है।