जालंधर। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद गले की फांस बना सुनैना हत्याकांड स्थानीय कमिश्नरेट पुलिस की टीम ने सुलझा लिया है और पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। तीन साल के लंबे इंतजार के बाद जिन पांच आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करने का दावा किया है, उनको पुलिस पहले भी हिरासत में लेकर कई बार पूछताछ कर चुकी है। इस मामले को हल करने में पुलिस ने इसलिए तेजी बरती क्योंकि हाईकोर्ट ने पंजाब के डीजीपी को 18 जुलाई को खुद पेश होने के लिए हुक्म जारी कर रखे हैं।
डीसीपी सर्बजीत सिंह, एसीपी राजिंदर चीमा, एसीपी रविंदरपाल संधू ने पत्रकार वार्ता में बताया कि 2009 में सुनैना का शव ग्रीन पार्क कालोनी में खाली प्लाट में मिला था। उसके शव को बुरी तरह से जलाया हुआ था। इस मामले में 16 वर्षीय सुनैना की मां ने पहले ममता निवासी नाहला के खिलाफ केस दर्ज करवाया था क्योंकि सुनैना घर से निकलने से पहले यह कहकर गई थी कि वह ममता के पास अपना सूट लेने जा रही है। पुलिस ने ममता को क्लीन चिट दी, लेकिन सुनैना की मां मंजीत कौर ने शक जाहिर किया कि उसकी बेटी की हत्या में रोहित, भीमा, सैंडी का हाथ है। डीसीपी सर्बजीत सिंह के मुताबिक 3 जुलाई को डीजीपी ने इस केस के लिए एसआईटी का गठन किया था। इसमें सीआईए देहाती इंचार्ज अंग्रेज सिंह, दाखा के एसएचओ प्रेम सिंह, लुधियाना के एसएचओ सतिंदरपाल विर्क, एसीपी क्राइम राजिंदर चीमा, एसीपी वेस्ट रविंदरपाल संधू को शामिल किया गया था। डीसीपी के मुताबिक टीम को इनपुट मिले, जिसके आधार पर भीमा नामक युवक को गिरफ्तार कर लिया गया। उसने सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए कहा कि सुनैना की हत्या उन लोगों ने मिलकर की है। इसके बाद पुलिस ने रोहित, भीमा, सैंडी, काकू, जसविंदर बिल्ला को गिरफ्तार कर लिया।
भीमा और रोहित की कहानी
डीसीपी सर्बजीत के मुताबिक भीमा ने पुलिस के सामने गुनाह कबूलते हुए कहा है कि उसके दोस्त रोहित का प्रेम प्रसंग सुनैना के साथ चल रहा था। सुनैना रोहित से शादी करना चाहती थी, लेकिन रोहित राजी नहीं था। सुनियोजित ढंग से रोहित ने घटना वाले दिन सुनैना को एक खाली पड़े घर में बुलाया और उसके साथ संबंध कायम किए। फिर उसने अपने दोस्त सैंडी के साथ मिलकर सुनैना के साथ दुराचार किया। बाद में भीमा को भी बुलाया गया गया। उसने भी सुनैना से दुराचार किया। इसके बाद सुनैना ने रोते हुए कहा कि वह सारी घटना का खुलासा पुलिस व मीडिया के आगे करेगी। रोहित की मंशा थी कि इस घटना के बाद सुनैना उससे अपना पीछा छुड़ा ले, लेकिन यह दांव उलटा पड़ गया इसलिए सैंडी ने दातर निकालकर सुनैना के माथे पर वार कर दिए। बाद में रोहित ने भाई काकू को बुला लिया, जो अपने दोस्त बिल्ला के साथ कार लेकर आ गया। उन्होंने सुनैना का शव ठिकाने लगाने की योजना बनाई। शव की पहचान न हो सके , इसके लिए तेल की बोतल डालकर जला दिया।
पुलिस की लापरवाही पर सुनैना की मां पहुंची हाईकोर्ट
पुलिस ने सैंडी, रोहित और भीमा नामक युवकों को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की और बाद में क्लीन चिट देकर छोड़ दिया। कई बार उनको जांच में शामिल कर बुलाया गया, लेकिन हर बार पुलिस ने उन्हें बेकसूर बताकर छोड़ दिया। मां मंजीत कौर ने कई बार पुलिस के आगे गुहार लगाई लेकिन हल निकलता न देखकर वे हाईकोर्ट की शरण में चली गईं। पुलिस अधिकारियों द्वारा लगातार शपथ पत्र दिए गए कि वे मामले की जांच कर रहे हैं। पुलिस की तरफ से कई बार शपथ व आश्वासन मिलने पर जब मामला हल नहीं हुआ तो पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने 18 जुलाई को डीजीपी को खुद पेश होने के लिए कहा। इसके बाद पुलिस तंत्र में हड़कंप मच गया और इस को हल करने के लिए 3 जुलाई को एसआईटी बनाई गई, जिसने पांच दिन में मामला हल कर लिया।