जालंधर। जिले की नौ विधानसभाओं में 94 उम्मीदवारों ने किस्मत आजमाई थी, जिसमें 70 फीसदी उम्मीदवार छवि जनता को रास नहीं आई और 67 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई है। सबसे खस्ता हालत तो भाजपा और अकाली दल के उम्मीदवारों की हुई। इसमें गठबंधन टूटने के बाद अकेले दम पर चुनाव मैदान में उतरे उम्मीदवारों को जमानत बचाना मुश्किल हो गया।
वोट प्रतिशत की बात करें तो नॉर्थ से कांग्रेसी उम्मीदवार बावा हैनरी को सबसे ज्यादा 36.94 फीसदी मत मिले तो वहीं समाजिक मुक्ति पार्टी फिल्लौर की उम्मीदवार हरविंदर कौर को सबसे कम 0.5 फीसदी वोट मिले। बात करें उम्मीदवारों की तो आदमपुर में 10 में 7, करतारपुर में 8 में से 5, शाहकोट में 11 में से 8, नकोदर में 11 में से 8, फिल्लौर में 14 में से 11, कैंट में 10 में से 7, नॉर्थ में 10 में से 7, वेस्ट में 12 में से 9 व सेंट्रल में 8 में से 5 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई है।
भाजपा के करतारपुर से उम्मीदवार सुरिंदर महे, कैंट उम्मीदवार सर्बजीत सिंह मक्कड़ व शाहकोट में न रिंदर पाल सिंह चंडी की जमानत के साथ साख जब्त हो गई। अकाली दल को भी मुंह की खानी पड़ी और सेंट्रल से उम्मीदवार चंदन ग्रेवाल की जमानत जब्त हो गई। भाजपा की सहयोगी पार्टियों पंजाब लोक कांग्रेस के दो और अकाली दल संयुक्त के एक उम्मीदवार की जमानत जब्त हो गई है। बसपा को दोनों शहरी सीटों वेस्ट व नॉर्थ में बुरी तरह से हार मिली।