नोएडा के ध्यानार्थ
रिवाइज, यूआईडीएआई के चेयरमैन पर दर्ज हो एफआईआर अंत में बॉक्स जोड़ा है
दिल्ली में पत्रकार रचना खैरा पर दर्ज मामले में बवाल
वरिष्ठ पत्रकारों व साहित्यकारों ने केस रद्द करने की मांग की
आधार कार्ड के डाटा लीकेज की खबरों को ब्रेक किया था रचना ने
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर।
आधार कार्ड के डाटा लीकेज की खबर ब्रेक करने वाली संवाददाता रचना खैरा और अन्य पर यूआईडीएआई की शिकायत पर दर्ज मामले को लेकर बवाल खड़ा हो गया है। पत्रकार समुदाय के अलावा साहित्यकारों ने विरोध किया है। पत्रकार समुदाय इस मामले को प्रेस की स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति के अधिकार पर हमला करार देकर पीएम नरिंदर मोदी के नाम डीसी को ज्ञापन दिया।
प्रेस क्लब में मीडिया कर्मियों की बैठक हुई, जिसमें केस दर्ज करने की जबरदस्त निंदा इसको लोकतंत्र पर प्रहार बताया गया। मीडिया कर्मियों द्वारा प्रेस क्लब से लेकर जिला मुख्यालय तक रोष मार्च निकाला और प्रेस की आजादी पर हमले से जुड़े नारे भी लगाए।
इस अवसर पर रोष मार्च में प्रधान लखविंद्र जौहल, मेजर सिंह, वरिष्ठ पत्रकार व लेखक राकेश शांतिदूत, आईपी. सिंह, राजीव भास्कर, सुनील रुद्र, अश्वनी खुराना, रोेहित सिद्धू, मंदीप शर्मा, राजेश योगी, पंकज राय, वरिष्ठ पत्रकार सतनाम माणक, विनयपाल जैद के अलावा प्रिंट एंड इलेक्ट्रानिक्स मीडिया से जुड़ी कई हस्तियां शरीक हुई। इस दौरान काले बिल्ले लगाकर केंद्र सरकार की इस दमनकारी नीति का विरोध किया गया। राकेश शांतिदूत ने कहा कि आधार कार्ड का डाटा लीकेज की खबर प्रकाशित करने की घटना के बाद सरकार को अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए, लेकिन यहां उल्टा जिसने इस पूरे नेक्सस को ब्रेक किया उस पर केस दर्ज कर लिया गया।
यूआईडीएआई के चेयरमैन पर दर्ज हो एफआईआर
पत्रकार रचना खैरा पर दर्ज केस के मामले में सोमवार को पंजाब कांग्रेस के उपप्रधान एवं प्रवक्ता हिमांशु पाठक ने पुलिस कमिश्नर को शिकायत सौंपी। इसमें पाठक ने मांग की है कि यूआईडीएआई के चेयरमैन पर एफआईआर दर्ज की जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस कमिश्नर ने शिकायत को आगे मार्क कर रजिस्टर कर दिया है। सीपी ने आश्वासन दिया है कि जांच के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।