दिवाली पर किसान जलाएंगे पराली
किसानों ने बैठक में फैसला लेकर किया एलान
अमर उजाला ब्यूरो
कपूरथला।
पराली जलाने पर रोक के खिलाफ किसानों ने एकजुट होकर काली दीपावाली मनाने और इस दिन पराली जलाने का फैसला लिया है। सुल्तानपुर लोधी के गांव शेरपुर सद्दा में किसानों की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। इस दौरान किसानों ने पराली जलाने पर रोक के खिलाफ नारेबाजी की।
किसान संघर्ष कमेटी के जिला जालंधर व कपूरथला जोन के अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह गोपी ने कहा कि किसान वातावरण संरक्षण का सम्मान करते हैं। छोटे किसानों के पास पराली को जलाने के अलावा और कोई विकल्प नहीं हैं। पराली को खेतों में जोतना महंगा और किसानों की पहुंच से बाहर है। किसानों ने कहा कि पराली को रोटावेटर से खेतों में जोतने का काम सरकार की सहायता के बिना संभव नहीं। किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए काली दिवाली मनाने का निर्णय लिया। साथ ही दिवाली के दिन पराली जलाने की घोषणा की।
किसान नेताओं ने कहा कि क्षेत्र का अधिकतर रकबा धान का है। पराली जलाए जाने पर जुर्माना भी किया जा रहा है। इससे किसान वर्ग में रोष है। उन्होंने पंजाब सरकार से मांग की वह किसानों की पराली को खेतों में जोतने के काम के लिए सहायता करे, अन्यथा किसानों को मजबूरी में पराली जलानी पड़ेगी। पराली न जलाने से गेहूं की बिजाई लेट होगी, वहीं प्रति एकड़ हजारों रुपये का खर्च भी सहन करना पड़ेगा। इस अवसर पर किसान हीरा सिंह शेखमांगा, लखविंदर सिंह, विक्की जैनपुर, साधू सिंह शिकारपुर, सरपंच सुखचैन सिंह पस्सन, सलविंदर सिंह जानिया, लखविंदर सिंह डल्ला, गुरमुख सिंह भरोआना, लखविंदर सिंह महिजीतपुर, शेर सिंह मसीता, बलजिंदर सिंह कालेवाल, दिलबाग सिंह शेरपुर सद्दा, बलजिंदर सिंह शेरपुर सद्दा, लखविंदर सिंह मौजूद थे।