वेतन में बढ़ोतरी से यूनिवर्सिटी कर्मियों की हड़ताल खत्म
पिछले एक माह से संघर्ष कर रहे थे अस्थायी कर्मी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदकोट।
बाबा फरीद मेडिकल यूनिवर्सिटी व इससे संबंधित संस्थानों में कार्यरत अस्थायी कर्मियों की पिछले एक माह से चल रही बेमियादी हड़ताल वीरवार शाम खत्म हो गई।
यूनिवर्सिटी कर्मियों के ओर से किए जा रहे लंबे संघर्ष के बाद वीरवार को डिप्टी कमिश्नर राजीव पराशर की अध्यक्षता में आयोजित यूनिवर्सिटी प्रशासन व संघर्ष कमेटी की मीटिंग में यूनिवर्सिटी की ओर से कर्मियों का वेतन बढ़ाने के साथ-साथ उनकी हड़ताल वाले दिनों के वेतन को भी समायोजित करने की मांग पर सहमति प्रदान कर दी। इसके बाद कर्मियों ने शुक्रवार से काम पर वापस लौटने का ऐलान किया।
यूनिवर्सिटी व इसके संस्थानों में ठेके व ऑउटसोर्स स्कीमों के तहत कार्यरत कर्मियों ने अपनी सेवाएं स्थायी/यूनिवर्सिटी के अधीन करने की मांग को लेकर 23 मई से संघर्ष कर रहे थे, हर रोज यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया जा रहा था।
एक दिन पहले बुधवार को एक आउटसोर्स कर्मी के फिनाइल पीने की घटना के बाद तनातनी का माहौल बन गया था, इसमें दखल देते हुए डीसी राजीव पराशर ने वीरवार को दोनों पक्षों की संयुक्त मीटिंग बुला ली थी। वीरवार दोपहर बाद डीसी की अध्यक्षता में आयोजित मीटिंग में यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. राज बहादुर, एसएसपी डॉ. नानक सिंह शामिल हुए, जिसमें यूनिवर्सिटी प्रशासन ने ठेके पर कार्यरत कर्मियों के वेतन में 20 प्रतिशत और आउटसोर्स कर्मियों के वेतन में 12 से 15 प्रतिशत वेतन बढ़ाने पर सहमति जताई। साथ ही संघर्ष कमेटी की मांग के मुताबिक हड़ताल वाले दिनों के वेतन को भी समायोजित करने का ऐलान किया।
इसके बाद इस समझौते को लिखित रूप से सहमति दे दी गई। संघर्ष कमेटी के सदस्य रमिंदरपाल ढिल्लों ने बताया कि लिखित सहमति पर यूनिवर्सिटी प्रशासन के हस्ताक्षर हो चुके हैं और शुक्रवार से सभी कर्मी ड्यूटी पर लौट आएंगे।