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अटारी बार्डर पर बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी रद्द

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अटारी बार्डर पर बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी रद्द
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2014 में भी रोकी गई थी सेरेमनी, ऐन वक्त पर पाकिस्तान ने मार दी थी पलटी
सुरिंदर पाल
अटारी बार्डर से। विंग कमांडर अभिनंदन की वतन वापसी के लिए शुक्रवार शाम अटारी-वाघा बॉर्डर पर बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी को रद्द कर दिया गया। अधिकारियों ने यह फैसला सुरक्षा कारणों के चलते लिया। दोपहर दो बजे डीसी अमृतसर और एसएसपी देहाती ने इसकी अधिकारिक घोषणा की। आईजी बीएसएफ महिपाल यादव ने कहा कि रिट्रीट को कैंसल कर दिया गया है।
इससे पहले 2014 में पाकिस्तान में हुए फिदायीन हमले में 61 लोगों की मौत के बाद दोनों देशों ने तीन दिन तक बीटिंग रिट्रीट कार्यक्रम को नहीं करने का फैसला किया था। हालांकि आखिरी मौके पर पाकिस्तान ने अपनी बीटिंग रिट्रीट कर ली थी, लेकिन समय न होने के कारण भारत इसे नहीं कर सका था। आला अधिकारियों के मुताबिक 1965 और 1971 में भारत-पाक की जंग के दौरान भी यह रिट्रीट नहीं हुई थी।
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156 सेकेंड की होती है सेरेमनी
झंडा उतारने की मेन सेरेमनी करीब 156 सेकेंड चलती है, जिस दौरान दोनों देशों के जवान मार्च करते हुए बॉर्डर तक आते हैं। पाकिस्तान की ओर से रेंजर्स और भारत की ओर से बीएसएफ के जवान इसमें शामिल होते हैं। दोनों तरफ तल्खी व तनाव भी होता है और पैरों को ऊपर उठाकर अपनी तल्खी का इजहार बीएसएफ व पाक रेंजर्स करते हैं। इस दौरान दोनों देशों के गार्ड नाक से नाक की बराबरी तक आते हैं। जवान मार्च के दौरान अपने पैर जितना ऊंचा ले जाते हैं, उसे उतना बेहतर माना जाता है।
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