फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हर दिन बदल रहे मौसम से पड़ सकती है फसलों को मार

विज्ञापन
विज्ञापन
बारिश और तेज हवा से गेहूं की फसल बिछी और आलू की फसल खराब
विज्ञापन

पंजाब में एक लाख 70 हजार हेक्टेयर में किसानों ने लगाई है गेहूं की फसल
नरिंदर वैद्य
जालंधर। पंजाब में किसानों की ओर से बीजी गई गेहूं की फसल पकने के कगार पर है। इससे किसानों को काफी उम्मीदें हैं। लेकिन हर दिन बदल रहे मौसम ने किसानों को परेशानी में डाल दिया है। क्योंकि पिछले कुछ दिनों में हुई बारिश के कारण फसलों को नुकसान हुआ है। तेज हवाओं के कारण लहरा रही फसलें बिछ गई थी और इसका खतरा अब भी बना है। पंजाब में कुल 1 लाख 70 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल बीजी गई है। अभी तक की बारिश में गेहूं की फसल को भी नुकसान पहुंचा है।

आलू की फसल बनी घाटे का सौदा
हाल ही में हुई बारिशों के कारण जिले में आलू की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। जिले में लगभग 21 हजार हेक्टेयर में बीजे गए आलू की फसल काफी हद तक खराब हुई है। बारिश के प्रकोप से सीड के लिए इस्तेमाल होने वाला आलू बच गया है। उसको समय से पहले ही निकाल लिया गया था। लेकिन आम तौर पर इस्तेमाल होने वाले बड़े आलू की फसल को बारिश के कारण नुकसान पहुंचा है।
विज्ञापन


अधिक बारिश के कारण गल गया आलू
आदमपुर के किसान हरनाम सिंह का कहना है कि बारिश से उनकी फसल को नुकसान तो हुआ ही है। लेकिन पीली कुंगी बीमारी से भी उनकी और कुछ किसानों की फसल खराब हुई है। इसकी जानकारी उन्होंने कृषि विभाग को दे दी थी। जिस कारण विभाग ने आकर फसलों में दवा का छिड़काव कर दिया था। आदमपुर में ही आलू की फसल बीजने वाले किसान नत्थूराम ने कहा कि उन्होंने आलू की फसल बीजी थी। हाल ही में बारिश ज्यादा होने के कारण उनका आलू गल गया है। छोटा आलू पहले ही निकाल लिया था तो वो बच गया। लेकिन घरों में इस्तेमाल होने वाला आलू ज्यादा पानी लगने से गल गया।
विज्ञापन


अब पीली कुंजी से किसानों को खतरा: कृषि अधिकारी
इस बारे में कृषि अधिकारी नरेश गुलाटी का कहना है कि अब तो फसल की बिजाई का काफी समय निकल चुका है। अब किसानों को बारिश से कम, पीली कुंजी बीमारी से ज्यादा खतरा है। यह बीमारी हवा के साथ फसलों में फैल जाती है। इससे फसलों पर पीला पाउडर बन जाता है। जिससे फसलें खराब हो जाती हैं। हम किसानों की फसलों को इस बीमारी से बचाने के लिए दवा टीपीकोलाजोल का इस्तेमाल करने के लिए कह रहे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें