सुधार गृह में बंद पाक बच्चा रिहा होगा
जुबैनाइल जस्टिस बोर्ड ने दिए छोड़ने करने के आदेश
सात माह पहले फिरोजपुर सीमा से हुई थी गिरफ्तारी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदकोट।
करीब सात माह पहले फिरोजपुर की हुसैनीवाला सीमा से पकड़े गए 12 वर्षीय पाकिस्तानी बालक को जुबैनाइल जस्टिस बोर्ड ने रिहा करने के आदेश जारी कर दिए है। यह बालक बीती 5 मई से फरीदकोट के बाल सुधार गृह में बंद था और उसके बोलने व सुनने में असमर्थ होने की वजह से उसकी शिनाख्त में भी दिक्कत आ रही है। हाल ही में पाकिस्तान उच्चायुक्त ने इसकी शिनाख्त लाहौर निवासी हसनियान पुत्र जावेद इकबाल के रूप में कर दी है। मंगलवार को उसके केस का भी फैसला हो जाने से उसकी जल्द वतन वापसी हो जाएगी।
जानकारी के अनुसार बीती 3 मई 2017 को सीमा सुरक्षा बल ने फिरोजपुर के हुसैनीवाला सीमा से इस बालक को काबू किया था और उसके खिलाफ पासपोर्ट एक्ट और फोररिजन एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। जुवनाइल बोर्ड के आदेश पर वह 5 मई 2017 से ही फरीदकोट के बाल सुधार गृह में बंद है। उसके पकड़े जाने के बाद से ही उसके नाम पते के बारे में कोई जानकारी नहीं थी और उससे बरामद पाकिस्तानी करेंसी के 20 रुपये के नोट व उसके कुर्ता पजामा पहने होने से उसके पाकिस्तानी होने की संभावना लगाई गई थी।
पिछले माह 21 नवंबर को ही उसे अमृतसर में आए पाकिस्तान उच्चायुक्त के समक्ष पेश किया गया था और उसके शिनाख्त करवाने की मांग की गई थी। भारत से मिले दस्तावेज के आधार पर पाकिस्तान सरकार ने 8 दिसंबर को भारतीय उच्चायुक्त को लिखे पत्र में बच्चे के बारे में शिनाख्त कर दी है और उसे पाकिस्तान सरकार के हवाले करने की मांग की है।
केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी ट्वीट करके उक्त बालक के भारत के पास होने की जानकारी दी थी। केंद्र सरकार की हिदायत पर जिला प्रशासन ने भी माहिरों से मदद लेकर बच्चे के माता पिता व उसकी राष्ट्रीयता के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया था। मामले में डिप्टी कमिशनर राजीव पराशर ने बताया कि इस बालक की रिहाई के बारे में केंद्र सरकार से आदेश का पालन किया जाएगा।