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कैबिनेट मंत्री कांगड़ समेत कांग्रेस के 6 विधायकों की दांव पर लगी प्रतिष्ठा

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कैबिनेट मंत्री कांगड़ समेत कांग्रेस के 6 विधायकों की दांव पर लगी प्रतिष्ठा
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आप के तीन विधायकों को भी दिखाना पड़ेगा अपना जनाधार
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदकोट। फरीदकोट आरक्षित संसदीय पर 19 मई को होने वाले मतदान के दौरान महज लोकसभा सांसद बनने की दौड़ में जुटे उम्मीदवारों की ही किस्मत का फैसला नहीं होगा, बल्कि इस संसदीय क्षेत्र में आने चार जिलों के 9 विधानसभा क्षेत्रों के विधायकों की भी प्रतिष्ठा दांव पर रहेगी। दो साल पहले हुए विधानसभा चुनाव के दौरान इन 9 सीटों में से 6 सीटों पर कांग्रेस उम्मीदवार विजयी रहे थे। जबकि तीन सीटें आम आदमी पार्टी के खाते में गई थी। दो साल पहले 1764 मतों से लेकर 27574 मतों के अंतर से जीते ये 9 विधायकों को लोकसभा चुनाव के दौरान अपनी पार्टी के उम्मीदवारों के हक में मतदान करवाकर क्षेत्र में अपनी पकड़ को दिखाना पड़ेगा।
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जानकारी के अनुसार फरीदकोट संसदीय सीट में फरीदकोट जिले की सभी तीन फरीदकोट, कोटकपूरा व जैतो और मोगा की सभी चार मोगा, बाघापुराना, निहाल सिंह वाला व धर्मकोट की सीट के अलावा मुक्तसर की गिद्दड़बाहा और बठिंडा की रामपुरा फुल सीट शामिल है। 2014 के लोकसभा चुनाव की बात करें तो उस समय इन 9 विधानसभा सीटों में से फरीदकोट व मोगा की सभी 7 सीटों पर आम आदमी पार्टी के प्रो. साधू सिंह को व्यापक बढ़त मिली थी। जबकि बठिंडा की रामपुरा फूल सीट से शिअद प्रत्याक्षी परमजीत कौर गुलशन और गिद्दड़बाहा से कांग्रेस उम्मीदवार जोगिंदर सिंह ने बढ़त पाई थी, लेकिन 2017 के विधानसभा चुनाव में हालात काफी बदल गए। 2017 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को फरीदकोट की कोटकपूरा व जैतो और मोगा की निहाल सिंह वाला सीट से भी बढ़त मिली। जबकि बाकी छह सीटों पर कांग्रेस को सफलता मिली। अकाली दल को किसी भी सीट पर सफलता नहीं मिली और कई सीटों पर उनके उम्मीदवार तीसरे नंबर पर आए। इन नौ सीटों में से निहाल सिंह वाला से आम आदमी पार्टी के मनजीत सिंह ने सबसे ज्यादा 27594 मतों के अंतर से जीत अर्जित की थी, जबकि मोगा से कांग्रेस के हरजोत कमल ने सबसे कम मतों 1764 के अंतर से सफलता पाई। पूर्व मंत्री तोता सिंह व सिकंदर सिंह मलूका जैसे अकाली दल के सीनियर नेता को भी हार का सामना करना पड़ा था। धर्मकोट सीट से तोता सिंह 22218 और रामपुरा फूल से सिकंदर सिंह मलूका 10385 मतों से हारे। सिकंदर सिंह मलूका को शिकस्त देने वाले गुरप्रीत सिंह कांगड़, वर्तमान समय में पंजाब कैबिनेट के बिजली मंत्री है और कांगड़ के साथ साथ कांग्रेस के अन्य विधायकों फरीदकोट से कुशलदीप सिंह किक्की ढिल्लों, मोगा से हरजोत कमल, बाघापुराना से दर्शन सिंह बराड़, धर्मकोट से सुखजीत सिंह काका लौहगढ़ और गिद्दड़बाहा से अमरिंदर सिंह राजा वडि़ंग को अपने जनाधार की परीक्षा देनी होगी। उधर आम आदमी पार्टी के तीन विधायकों में से जैतो के विधायक मास्टर बलदेव सिंह ने बगावत की हुई है और वह खुद फरीदकोट संसदीय सीट से पंजाबी एकता पार्टी की अगुवाई वाली पंजाब डेमोक्रेटिक फ्रंट की तरफ से चुनाव लड़ रहे हैं। जबकि कोटकपूरा से कुलतार सिंह संधवां व निहाल सिंह वाला से मनजीत सिंह को लोकसभा सीट के लिए उम्मीदवार प्रो. साधू सिंह के लिए ताकत का प्रदर्शन करना पड़ेगा।
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