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बहिबल गोलीकांड में भी आईजी उमरानंगल को नामजद करने की तैयारी

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उमरानंगल को बहिबल गोलीकांड में भी नामजद करने की तैयारी
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धरनाकारियों पर पुलिस कार्रवाई को लीड करने के आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदकोट। कोटकपूरा गोलीकांड मामले में गिरफ्तार आईजी परमराज सिंह उमरानंगल को पंजाब पुलिस की एसआईटी अब बहिबलकलां गोलीकांड मामले में भी गिरफ्तार करने की तैयारी कर रही है। एसआईटी का दावा है कि इन दोनों घटनाओं में धरनाकारियों के खिलाफ बल उपयोग करने वाली पुलिस पार्टियों को आईजी परमराज सिंह उमरानंगल द्वारा लीड किया जा रहा था और वह बहिबल कलां मामले में गिरफ्तार पुलिस पार्टी की अगुवाई कर रहे मोगा के तत्कालीन एसएसपी चरणजीत सिंह शर्मा के साथ संपर्क में थे।
जानकारी के अनुसार जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट के आधार पर एसआईटी ने 18 फरवरी 2019 को आईजी परमराज सिंह उमरानंगल को गिरफ्तार किया था और पुलिस रिमांड के बाद अदालत के आदेश पर 26 फरवरी को आईजी को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा चुका है। एसआईटी को एक प्रेसवार्ता की वीडियो हाथ लगी है जिसमें आईजी उमरानंगल द्वारा बहिबलकलां में एसएसपी चरणजीत सिंह शर्मा की जिप्सी पर 12 बोर से फायरिंग होने का उल्लेख किया जा चुका है। जिप्सी पर फायरिंग मामले को एसआईटी ने अपनी पड़ताल में झूठा करार दे चुकी है। एसआईटी के सदस्य व आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने बताया कि उमरानंगल, बहिबल कलां और कोटकपूरा गोलीकांड की घटनाओं में बराबर का आरोपी है और इस संदर्भ से एसआईटी द्वारा जल्द ही फैसला लेकर उन्हें प्रोडक्शन वारंट पर लाया जाएगा। उधर बहिबल कलां गोलीकांड मामले में न्यायिक हिरासत के चलते जेल में बंद पूर्व एसएसपी चरणजीत सिंह शर्मा ने जिला अदालत के पास जमानत याचिका दायर की गई है जिस पर एक मार्च को सुनवाई होनी है। कोटकपूरा गोलीकांड मामले में न्यायिक हिरासत में जाने के बाद आईजी उमरानंगल ने जिला अदालत में जमानत याचिका दायर कर दी है जिस पर 6 मार्च को सुनवाई होनी है।
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एसडीएम के अदालत में दर्ज करवाए बयान
एसआईटी ने कोटकपूरा गोलीकांड मामले में वीरवार को जेएमआईसी एकता उप्पल की अदालत में घटनास्थल पर तैनात एसडीएम हरजीत सिंह संधू समेत थाना सिटी कोटकपूरा के एक एएसआई के सीआरपीसी की धारा 164 के तहत बयान दर्ज करवाए है। एसडीएम ने जस्टिस रणजीत सिंह आयोग के पास बयान दर्ज करवाया था कि घटना वाले दिन उन्होंने पुलिस को सिर्फ हवाई फायर करने के ही आदेश दिए थे और पुलिस को हिदायतें दी थी कि किसी को भी गोली नहीं लगनी चाहिए। एसडीएम ने अपने इसी बयान को एसआईटी के पास दर्ज करवाया था और एसआईटी ने उनके इसी बयान को मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज करवा दिया है।
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