यूनियनों ने मेयर के खिलाफ खोला मोर्चा
ट्यूबवेल ऑपरेटरों को 10 महीने से वेतन न मिलने पर यूनियनें एकजुट
8वें दिन भी मेयर कार्यालय के बाहर भूख हड़ताल पर डटे रहे कर्मचारी
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट। नगर निगम के 28 ट्यूबवेल ऑपरेटरों को 10 महीनों से वेतन न मिलने मामले में यहां की बाकी यूनियनें भी कूद पड़ी हैं। शुक्रवार को नगर निगम कर्मचारी वेलफेयर एसोसिएशन अध्यक्ष अश्वनी शर्मा, नगर निगम कर्मचारी महासंघ के प्रदेश महामंत्री गुरमेज सिंह, स्वच्छ भारत टयूबवैल ऑपरेटर यूनियन प्रधान ठाकुर धर्मेन्द्र सिंह, अखिल भारतीय सफाई मजदूर यूनियन अध्यक्ष रमेश कट्टो और भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारियों ने एकजुट होकर मेयर को गलत ठहराया।
पदाधिकारियों ने कहा कि उक्त कर्मचारी पिछले 10 महीने से काम कर रहे हैं और मेयर उन्हें अपना कर्मचारी नहीं मानते, जिसके चलते उन्हें वेतन देने में आनाकानी कर रहे हैं। मेयर के रवैये से सभी 28 कर्मचारियों के परिवार आर्थिक तंग हो चुके हैं। मेयर ने खुद 28 कर्मचारी तैनात करने का नोटिस तैयार किया था और अधिकारियों को कर्मचारी तैनात करने के आदेश भी दिए पर अब उन्हें वेतन देने में गुरेज कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि नगर निगम में पहले ही कर्मचारियों की कमी है, नए कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के कारण पुराने मुलाजिमों से अधिक काम लिया जा रहा है, एक कर्मचारी 3-3 टयूबवेल पर काम कर रहा है। इससे कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मेयर इस मसले पर जल्द फैसला लें अन्यथा कर्मचारी सख्त रुख अख्तियार करेंगे। इस मौके पर जगदीश राज, पवन कुमार, विशाल, प्रवीण, पवन, राजेश कुमार, संजीव कुमार, परशराम,विकास, दीपक कुमार, विनय, अक्षय कुमार, नरवीर, जतिन, अभिमन्यू, राहुल, अविनाश, घनश्याम, किशोरी और विकास कुमार उपस्थित थे।