गांव मनवाल निवासी महिला राजकुमारी ने 13 साल के बेटे के निधन के बाद उसकी आंखें दान कर मिसाल पेश की है। किडनी में समस्या होने के कारण महिला का बेटा दो महीने से पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती था। मां की सोच थी कि बेटा न सही उसकी आंखों से कोई और दुनिया देख सकेगा। बुधवार को आदित्य का अंतिम संस्कार गांव के श्मशानघाट में कर दिया गया।
आदित्य के ताऊ कानूनगो अनिल ने बताया कि 2 महीने पहले रविदास जयंती पर डेरा स्वामी जगतगिरी आश्रम में कार्यक्रम हुआ था। इसमें गद्दीनशीन गुरदीप गिरी महाराज ने अपने प्रवचनों में अंगदान का महत्व बताया था। उन्होंने श्रद्धालुओं से अंगदान की अपील की थी। इस दौरान कई लोगों ने रजिस्ट्रेशन भी करवाया। अनिल ने बतया कि महाराज के प्रवचनों को ध्यान में रखते हुए राजकुमारी ने यह फैसला लिया।
अनिल कुमार ने कहा कि नन्हा सा आदित्य 2 लोगों की जिंदगी रोशन कर गया। आदित्य की मां समेत पूरे परिवार की यह इच्छा है कि जिसे भी आदित्य की आंखें डोनेट की जाएं। परिवार को उनके साथ मिलवाया जाए ताकि वह अपने बच्चे की आंखों को जिंदा शरीर में देख पाएं।
फोटो:-3-आदित्य (फाइल फोटो)