फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Fauja Singh Funeral: 114 साल के एथलीट फौजा सिंह पंचतत्व में विलीन, बेटों ने दी मुखाग्नि, सीएम ने की ये घोषणा

Sun, 20 Jul 2025 03:02 PM IST
अंकेश ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर (पंजाब)

सार

दुनिया के सबसे उम्रदराज एथलीट फौजा सिंह का रविवार को जालंधर के उनके पैतृक गांव ब्यास पिंड में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। 114 वर्षीय फौजा सिंह को उनके बेटों ने मुखाग्नि दी।
विज्ञापन
फौजा सिंह का अंतिम संस्कार। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

टर्बन टॉरनेडो, रनिंग बाबा और सिख सुपरमैन नाम से मशहूर पंजाब के 114 साल के मास्टर एथलीट फौजा सिंह आज पंचतत्व में विलीन हो गए। दुनिया के सबसे उम्रदराज एथलीट फौजा सिंह का रविवार को जालंधर के उनके पैतृक गांव ब्यास पिंड में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। 114 वर्षीय फौजा सिंह को उनके बेटों ने मुखाग्नि दी। अंतिम दर्शन के लिए सुबह 9 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक उनका पार्थिव शरीर रखा गया था, जिसके बाद गांव से श्मशान घाट तक शव यात्रा निकाली गई।
विज्ञापन


फौजा सिंह के अंतिम संस्कार में पंजाब के  मुख्यमंत्री भगवंत मान, राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया सहित कई राजनेता और गणमान्य व्यक्ति पहुंचे थे जिन्होंने मास्टर एथलीट फौजा सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान सीएम मान ने घोषणा की कि गांव के स्टेडियम में फौजा सिंह की प्रतिमा लगाई जाएगी। उन्होंने कहा कि फौजा सिंह ने अपने बुलंद हौसले से न केवल पंजाब, बल्कि देश का नाम भी ऊंचा किया है।

सड़क हादसे में गई जान
14 जुलाई को फौजा सिंह को एक दर्दनाक हादसे में जान गंवानी पड़ी। वे अपने घर से महज 120 मीटर की दूरी पर हाईवे पार कर रहे थे, तभी फॉर्च्यूनर गाड़ी सवार एनआरआई युवक अमृतपाल सिंह ढिल्लों (27) ने उन्हें टक्कर मार दी। वे गंभीर रूप से घायल हो गए और इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। आरोपी को घटना के 30 घंटे बाद गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन


देशभर से मिली श्रद्धांजलि
राज्यपाल कटारिया ने फौजा सिंह को शरीर पर अद्भुत आत्मविश्वास रखने वाला व्यक्ति बताया। अकाली दल के नेता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने उन्हें सिखों का एंबेसडर कहा। पंजाब सरकार के मंत्री मोहिंदर भगत ने कहा कि फौजा सिंह ने अपनी सादगी और संकल्प से देश को गर्व महसूस कराया है।

अंतिम यात्रा में उमड़ा जन सैलाब
फौजा सिंह की अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण और प्रशंसक शामिल हुए। वाहन पर रखे पार्थिव शरीर के साथ लोग पैदल चलते हुए श्मशान घाट तक पहुंचे। फौजा सिंह की प्रेरक जीवनगाथा, आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा मिसाल बनी रहेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें