कांग्रेस हाईकमान ने प्रदेश कांग्रेस में चल रही गुटबाजी को खत्म करने के लिए आखिरी दांव खेला है। प्रदेश के सभी दिग्गज नेताओं को चुनाव के लिए सबसे महत्वपूर्ण चुनाव कमेटी में जगह देकर सम्मान दिया गया है।
साथ ही पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने सभी को साफ संदेश भी दे दिया है कि एकजुट होकर चुनावी तैयारी में जुटें। एआईसीसी की मीटिंग में राहुल के आक्रामक तेवर देखने के बाद नाराज कांग्रेसियों को भी लगने लगा है कि उन्हें पार्टी प्लेटफार्म पर आना ही पड़ेगा।
इसी कड़ी में प्रदेश कांग्रेस द्वारा शुरु की गई भूख हड़ताल में राजिंदर कौर भट्ठल और लाल सिंह भी पहुंचे। हालांकि वे ज्यादा देर तक नहीं रुके, पर औपचारिकता जरूर की।
अभी तक ये दिग्गज प्रदेश कांग्रेस के किसी भी कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए थे। 16 जनवरी को हुए चक्का जाम से भी ये नदारद रहे थे।
प्रदेश कांग्रेस में नई कार्यकारिणी के गठन के बाद से ही बगावत चल रही थी। कई इस्तीफों के बाद हाईकमान ने डैमेज कंट्रोल एक्सरसाइज शुरु की थी। पहले चरण में दूसरी कतार के नेताओं को शांत किया गया।
सभी नाराज नेताओं को किसी ने किसी कमेटी में एडजस्ट कर दिया गया। फिर देखते ही देखते बगावती सुर शांत हो गए। पर पहली कतार के नेता अभी भी पार्टी के लिए मुसीबत बने हुए थे।
इन सभी नेताओं को महत्वपूर्ण चुनाव कमेटी में जगह दी गई है। यही कमेटी उम्मीदवारों के पैनल फाइनल करती है। 24 मेंबरी कमेटी में प्रोटोकॉल के मुताबिक सदस्य होते ही हैं।
पर नाराज नेताओं में से प्रमुख तौर पर कैप्टन अमरिंदर सिंह, राजिंदर कौर भट्ठल, लाल सिंह, मोहिंदर सिंह केपी, शमशेर सिंह दूलो, एचएस हंसपाल, सरदूल सिंह, मालती थापर को इसमें शामिल किया गया है।
पार्टी ने संकेत दिया है कि शीर्ष नेता सम्मानपूर्वक अपनी जगह लें, पर लोकसभा चुनाव में एकजुट होकर चलें।