होला मोहल्ला में होने वाली कांग्रेस की सियासी कांफ्रेंस की तैयारियों में जिला अध्यक्ष हरभाग सिंह देसूमाजरा को दरकिनार कर दिया गया है।
पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से श्री आनंदपुर साहिब के पूर्व विधायक राना केपी सिंह को कांफ्रेंस के सभी प्रबंधों के लिए बनाई कमेटी का चेयरमैन लगाया गया है।
कांग्रेस द्वारा जिले के नवनियुक्त अध्यक्ष को लेकर विवाद चल रहा है। अध्यक्ष हरभाग सिंह देसूमाजरा मोहाली से हैं। इसी बात को लेकर जिले के सीनियर नेता देसूमाजरा का विरोध कर रहे हैं। कांग्रेसी नेताओं का कहना है कि नए बनाए जिला अध्यक्ष की अगुवाई में यह रैली सफल नहीं हो पाएगी क्योंकि देसूमाजरा रैली के लिए लोगों को जुटाने में कामयाब नहीं हो सकतेे। लोकसभा चुनाव नजदीक होने के कारण इस रैली को काफी अहम माना जा रहा है।
सोमवार को अपने निवास पर पत्रकारों से बातचीत में पूर्व विधायक राना केेपी सिंह ने कहा कि वह रैली के लिए पूरी मेहनत कर रहे हैं। यह रैली पिछले सालों से भी बड़ी रैली होगी। उन्होंने कहा कि इस रैली में प्रदेश अध्यक्ष प्रताप सिंह बाजवा के अलावा अन्य सीनियर लीडरशिप भी हाजिरी लगवाएगी। इस मौके पर अकाली दल छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए पूर्व एसजीपीसी सदस्य गुरिंदर सिंह गोगी, पूर्व पार्षद पोमी सोनी, जगदीश काजला और जैलदार सतविंदर सिंह चैैड़ीयां हाजिर थे।
इस मौके पर अकाली दल छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए पूर्व एसजीपीसी सदस्य गुरिंदर सिंह गोगी ने जिले में बिक रही स्मैक का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी पार्टी के कुछ नेता ब्लॉक आनंदपुर साहिब और नूरपुरबेदी में स्मैक का कारोबार कर रहे हैं। उन्होंने इसकी ज्यूडिशियल जांच की मांग भी की।
‘हरभाग को नहीं मानते अध्यक्ष’
इस दौरान पूर्व जिला अध्यक्ष सुखविंदर सिंह विसकी ने कहा कि हरभाग सिंह को इसके लिए आमंत्रण पत्र नहीं भेजा जाएगा और न ही उन्हें संबोधन करने दिया जाएगा। इस मौके पर पूर्व विधायक डॉ. रमेश दत्त शर्मा ने कहा कि वह हरभाग को जिला अध्यक्ष नहीं मानते।
उनकी अगुवाई वाले किसी भी कार्यक्रम में वह हिस्सा नहीं लेंगे। उन्होंने कहा कि सीनियर लीडरशिप से इस बारे में बात भी की गई हैै। कुछ ही दिनों में अध्यक्ष को बदला जाएगा। इस मौके पर पूर्व जिला अध्यक्ष अमरजीत सिंह सैनी ने कहा कि पार्टी ने राना को जिम्मेदारी देकर सही फैसला लिया है क्योंकि हरभाग सिंह को कबूलने के लिए वह तैयार नहीं हैं।