हुसैनी वाला बॉर्डर से तकरीबन 5 किमी उत्तर की ओर गांव है गट्टी रहीमे की और गट्टी राजो की। दोनों गांव बिल्कुल आसपास है। इनकी उत्तरी सीमा से बिल्कुल बगल में एक नाला बहता है, नाम है कसूर नाला। यह पाकिस्तान के कसूर जिला से होकर भारत की सतलुज नदी में मिलता है। पाकिस्तान में चमड़े की बड़ी इंडस्ट्री कसूर में ही स्थित है। पूरे चमड़ा उद्योग का गंदा पानी इसी नाले में छोड़ा जाता है।
गांव के रहने वाले जगमीत कहते हैं, दुश्मन देश पाकिस्तान जहां जिस तरीके से मौका देखता है, भारत के ऊपर हमला करता है। गोली चलाकर ही लोगों को मारना आतंकवाद नहीं है, जहरीला पानी भेज कर आबादी को धीरे-धीरे मारना भी आतंकवाद फैलाने जैसा ही है। उसकी साजिश से हमारे गांव के बच्चों और महिलाओं समेत बुजुर्गों पर इसका बुरा असर पड़ रहा है। अब तो पाकिस्तान को सबक सिखाने का मौका आ गया है। पाकिस्तान के आतंकियों ने जिस तरीके से हमारे निर्दोष लोगों की हत्या की है, उसका बदला लिया जाना चाहिए और और पाकिस्तान का हिसाब किया जाना चाहिए।
गट्टी रहीमे की निवासी अर्जुन सिंह कहते हैं कि कसूर नाले में बहने वाले पानी का इतना काला रंग तो शायद ही कहीं होता होगा। वह कहते हैं, पाकिस्तान जानबूझकर चमड़े की फैक्टरियों की पूरी गंदगी पानी के साथ कसूर नाली में छोड़ता है, ताकि लोग बीमार हों और फसलों को नुकसान पहुंचे। इस नाले के साथ के खेतों में न तो अच्छी फसल होती है और न ही लोगों की सेहत बेहतर रहती है।
कई बार तो इतनी बदबू आती है कि भोजन करते भी नहीं बनता। गट्टी रहीमे की गांव के रहने वाले जसप्रीत सिंह कहते हैं कि घर के पानी को निकाल कर 5 मिनट किसी बर्तन में रख दिया जाए, तो उसका रंग पीला और काला हो जाता है। ऐसा कसूर नाले के जहरीले पानी की वजह से हो रहा है। पाकिस्तान की इस साजिश का शिकार पूरा का पूरा इलाका हो रहा है।
हालात ऐसे हो गए हैं कि गांव में कोई न कोई अक्सर बीमार रहता है। उनके गांव में जानवर भी बहुत है। अक्सर नदी के रास्ते आते-जाते हैं। कई बार तो उनके जानवर भी बीमार होते और मरते देखे गए। जसप्रीत कहते हैं कि ऐसा नहीं है पाकिस्तान को इसका अंदाजा नहीं है। वह तो जानबूझकर भारत में जहरीले पानी का रोजाना हमला करता है। कसूर नाले के चलते सतलुज का पानी भी उतना ही जहरीला हो जाता है।
फसलों में न स्वाद, न सेहतमंद
बॉर्डर पर अपने खेत में काम कर रही नीता बताती है कि यहां पर उगने वाली फसलों में न तो स्वाद होता है और न ही वह सेहतमंद होती हैं। पाकिस्तान को सबक सिखाने की बात कहते हुए नीता बताती हैं कि पाकिस्तान की चमड़े की फैक्टरियों का पानी खेतों और घरों में पहुंचने से स्थिति बेहद खराब है।
पाकिस्तान सिर्फ आतंकवाद फैलाकर ही साजिश नहीं रचता, बल्कि जहरीले पानी को भेजकर भी अपने खतरनाक मंसूबे दिखाता रहता है। बॉर्डर के किसी भी गांव में देख लो, हर जगह पाकिस्तान के जहरीले पानी का असर दिखेगा।
अवैध गतिविधियां भी कम नहीं
कसूर से बिल्कुल पास में होने के चलते इस बॉर्डर पर अवैध गतिविधियां भी खूब होती है। खासतौर से पाकिस्तानी सेना और आईएसआई ड्रोन के माध्यम से नशे से लेकर असलहों की खेप भेजते रहते हैं। गांव के सुखविंदर बताते हैं कि ऐसे हालातो में पूरा का पूरा गांव सीमा सुरक्षा बल के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा होता है।
पाकिस्तान पर आर्थिक शिकंजा कसेगा भारत: IMF से ऋण समीक्षा की मांग, FTF की ग्रे सूची में शामिल कराने की कोशिश
- बॉर्डर के नजदीक होने के चलते सीमा सुरक्षा बल की कांबिंग इन गांव में बहुत होती है। ऐसे में जब भी पाकिस्तान की ओर से किसी भी अवैध गतिविधि को अंजाम दिया जाता है, गांव वाले एकजुट होकर बीएसएफ को सूचित करते हैं। ताकि हमारे गांव में पाकिस्तान की ओर से अस्थिरता बढ़ाने की उसकी नापाक साजिश नाकाम हो सके।