अतिरिक्त सेशन जज गुरमीत कौर की अदालत ने जाली करेंसी देकर बासमती हड़पने के एक आरोपी को दोषी करार देते हुए 7 वर्ष कैद और जुर्माने की सजा सुनाई है।
जानकारी के मुताबिक परमजीत सिंह पुत्र हरभजन सिंह निवासी गांव माना तलवंडी ने थाना भुलत्थ पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह 2 जून 2010 को ट्राली पर बासमती लाद कर जंडियाला मंडी जाने की तैयार कर रहा था। इसी दौरान एक व्यक्ति आया और अपना नाम इंद्रजीत सिंह पुत्र दलबीर सिंह निवासी गांव सठियाला थाना व्यास जिला अमृतसर बताया।
उसने बताया कि वह बासमती खरीदने का कार्य करता है। यदि वह चाहे तो वह उसकी बासमती खरीद सकता है। उसने इंद्रजीत सिंह की बातों में आते हुए उसे अपनी बासमती कुल 1 लाख 61 हजार 5 सौ रुपये में बेच दी। 8 जून को इंद्रजीत सिंह ने उसको पूरी राशि की अदायगी करते हुए उसकी बासमती खरीद ली।
दूसरे दिन जब वह इंद्रजीत सिंह द्वारा दी गई रकम को बैंक में जमा करवाने गया तो बैंक अधिकारियों ने जमा करवाई रकम को जाली करेंसी बताते हुए पूरी रकम वापस कर दी। शिकायतकर्ता परमजीत सिंह की शिकायत पर थाना भुलत्थ पुलिस ने आरोपी इंद्रजीत सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
अतिरिक्त सेशन जज गुरमीत कौर की अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद आरोपी इंद्रजीत सिंह को दोषी करार देते हुए धारा 420 आईपीसी के तहत 3 वर्ष की कैद, 10 हजार रुपये का जुर्माना व जुर्माना न अदा करने पर 6 महीने की अतिरिक्त सजा, धारा 489 बी के तहत 7 वर्ष की कैद और 25 हजार रुपये का जुर्माना व जुर्माना न अदा करने पर दो वर्ष की अतिरिक्त सजा और धारा 489 सी के तहत 4 वर्ष की कैद व 15 हजार रुपये का जुर्माना व जुर्माना न अदा करने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा के आदेश दिए।