फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Punjab: विजिलेंस के रडार पर पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी, बेटे की शादी पर सरकारी खर्च का आरोप

Fri, 30 Dec 2022 10:14 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पूर्व सीएम चन्नी ने कहा कि यह सब कुछ बदलाखोरी के लिए किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि वह तीन महीने पंजाब के मुख्यमंत्री रहे यही बात सब पर भारी पड़ी हुई है।
विज्ञापन
पंंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कुछ समय पहले विदेश से लौटे पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री व वरिष्ठ कांग्रेसी नेता चरणजीत सिंह चन्नी विजिलेंस के रडार पर आ गए हैं। उनके खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो को एक शिकायत मिली है। आरोप है कि 19 दिसंबर 2021 को चमकौर साहिब में दास्तान-ए-शहादत थीम पार्क का शुभांरभ हुआ था। इसके खर्च में धोखाधड़ी हुई है। वहीं, उन्होंने अपने बेटे की शादी पर भी कुछ सरकारी खर्च किया है। दूसरी तरफ मीडिया से बातचीत में चरणजीत सिंह चन्नी का कहना है कि सरकार उन्हें जबरदस्ती जेल में डालने की रणनीति बना रही है। इसके लिए एक नहीं उनके खिलाफ कई जांच खोली जा रही है।

विज्ञापन

पता चला है कि बठिंडा के रहने वाले एक व्यक्ति की तरफ से विजिलेंस को शिकायत दी गई थी। उन्होंने शिकायत में बताया है कि दास्तान-ए-शहादत थीम पार्क के उदघाटन समारोह में एक करोड़ 47 लाख रुपये का खर्च किया गया, जोकि मार्केट रेट से अधिक था। इसके अलावा उनके बेटे की शादी संबंधी किए गए खर्च पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि चन्नी के पास ही उस समय पयर्टन विभाग था। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस काफी समय से इस मामले की पड़ताल कर रही है। 

पूर्व सीएम चन्नी ने कहा कि यह सब कुछ बदलाखोरी के लिए किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि वह तीन महीने पंजाब के मुख्यमंत्री रहे यही बात सब पर भारी पड़ी हुई है। पंजाब सरकार उनके पीछे पड़ गई है। पूर्व सीएम चन्नी ने कहा कि पहले कहते थे बाहर से आता नहीं है और अब जब आ गया हूं तो उनके पीछे विजिलेंस लगा दी है। उनके सारे बैंक खाते व प्रॉपर्टी चैक की जा रही है। उन्होंने यहां भी कहा कि इन सब बातों को वह फेस करने के लिए तैयार हैं। 
विज्ञापन

55 करोड़ की लागत से हुआ है तैयार
17 एकड़ में 10 साल में दास्तान-ए-शहादत थीम पार्क बनाया गया था। इस पर 55 करोड़ की लागत आई थी। शिकायकर्ता का आरोप है कि इस दौरान सारे सरकारी नियमों को ताक में रखकर काम किए गए हैं। चाय, खाना व टैंट आदि बाजार से अधिक रेट पर बुक किए गए। ठेका देते समय में भी नियमों की अनदेखी गई।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें