महिला और उसकी बेटी के कत्ल मामले में मंगलवार को अदालत ने ससुराल परिवार के पांच लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने पांचों दोषियों को 10-10 हजार रुपये का जुर्माना अदा करने का आदेश भी दिया है।
जुर्माना न अदा करने पर एक साल की अतिरिक्त कैद और भुगतनी होगी। मामले में दोषी करार दिए गए विकास गुप्ता ने कहा कि वह हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। विकास ने उसकी बेटी के गुम हो जाने पर मनीषा के पिता पर आरोप लगाए हैं।
अप्रैल 2009 में विकास गुप्ता की साढे़ तीन साल की बेटी रिया गुम हो गई थी। विकास ने अपनी छोटी भाभी मनीषा पर उसे अगवा करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने इस सबंध में मामला भी दर्ज किया था पर रिया का कुछ पता न लगने और पुलिस की कार्रवाई से नाखुश विकास गुप्ता ने पांच जून 2009 को अपने कमरे में आराम कर रही मनीषा और उसकी सवा साल की बेटी दीवांशी का बेरहमी से हथौड़ा मारकर कत्ल कर दिया था।
पुलिस ने विकास को गिरफ्तार कर लिया था। मंगलवार को जिला व सेशन जज की अदालत ने इस मामले में मृतका मनीषा के पति ललित गुप्ता, जेठ विकास गुप्ता, जेठानी कविता, सास ब्रिज बाला और ससुर बिमल गुप्ता को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने इन्हें 10 हजार रुपये जुर्माना अदा करने का भी आदेश दिया है। जुर्माना न अदा करने पर एक साल की ओर कैद भुगतने का फैसला सुनाया है।
वहीं दोषी करार दिए गए विकास गुप्ता ने कहा कि वह इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे। उन्होंने कहा कि उसकी बेटी रिया का पांच साल के बाद भी कोेई सुराग नहीं लग पाया है। विकास ने उसकी बेटी के अगवा होने के लिए मनीषा के पिता पर आरोप लगाते हुए उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
विकास ने बताया कि उसके बेटी के अगवा होने के मामले में पंजाब पुलिस के एडीजीपी के पास जांच चल रही है पर पांच साल के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इससे वह असंतुष्ट है। उधर सजा के कारण विकास गुप्ता के छह साल के बेटे तमिश को भी अपने परिवार के साथ जेल जाना पड़ा। विकास ने कहा कि उसके बेटे तमिश की देखभाल करने के लिए परिवार में ओर कोई नहीं है।