अतिरिक्त जिला व सत्र न्यायाधीश जेएस भिंडर की अदालत ने मिसाल कायम करते हुए रेप के एक मामले में एक सप्ताह के अंदर ही सुनवाई पूरी कर सजा भी मुकरर्र कर दी। उन्होंने दोषी को 90 हजार जुर्माना सहित 10 साल कैद की सजा दी। माना जा रहा है कि होशियारपुर की यह अदालत देश भर में ऐसी पहली अदालत बन गई है, जिसने इतने कम समय में किसी बलात्कारी को सज़ा सुनाई है।
उत्तर प्रदेश के निवासी जयप्रकाश द्विवेद्वी उर्फ पवन दूबे पर आरोप था कि वह एक 17 वर्षीय किशोरी को अपहृत कर दिल्ली ले गया और वहां उसके साथ कई दिन तक दुराचार करता रहा। इस बीच उसने किशोरी को दिल्ली में किसी से बेचने की योजना भी बनाई थी लेकिन किसी तरह उसके चंगुल से छूटकर पीड़िता अपने परिजनों के पास पहुंची। पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर 13 अगस्त 2012 को मामला दर्ज किया गया।
सरकारी वकील टीएस ग्रेवाल ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर पवन दूबे की तलाश शुरू की और उसे गिरफ्तार करने के बाद 2 जनवरी 2013 को अदालत में उसके खिलाफ चार्जशीट पेश की। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उसी दिन दुबे पर आरोप तय कर दिए। इसके बाद दैनिक आधार पर मामले की लगातार सुनवाई करने के बाद 10 जनवरी को अदालत ने आरोपी को 10 साल कैद की सजा सुनाई।
उसे दुराचार के आरोप में 10 साल, शादी का झांसा देकर ले जाने के आरोप में सात साल और अपहरण के आरोप में पांच साल की सजा भी सुनाई गई। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। इसके अलावा आरोपी पर 90 हजार जुर्माना भी लगाया गया है जिसमें से 50 हजार पीड़ित लड़की को मिलेंगे।
'कानून के प्रति लोगों का विश्वास और मजबूत होगा'
सरकारी वकील टीएस ग्रेवाल ने कहा कि उनकी जानकारी के मुताबिक दुराचार मामले में यह देश का अब तक का सबसे तेज ट्रायल है। पीड़िता के पिता ने कहा कि अदालत का यह फैसला स्वागतयोग्य है। उन्होंने फैसले पर तसल्ली जताते हुए कहा कि इससे कानून के प्रति लोगों का विश्वास और मजबूत होगा।
एसएसपी होशियारपुर डॉ. सुखचैन सिंह गिल ने कहा कि अगर ऐसे फैसलों में अदालतें ऐसी कार्रवाई करती रहीं तो एक तो लोगों का विश्वास और मजबूत होगा और साथ ही अपराधियों में भी कानून का खौफ पैदा होगा।