संयुक्त किसान मोर्चे के नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने पंजाब में चुनावी मुहिम का बिगुल फूंक दिया है। गढ़शंकर में किसान नेताओं से मीटिंग में उन्होंने 2022 विधानसभा चुनाव में 117 सीटों पर चुनाव लड़ने का एलान किया है। उन्होंने इसे मिशन पंजाब का नाम दिया है। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रधान चढूनी ने गढ़शंकर में किसानों के साथ मीटिंग की। इस दौरान उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान करने के लिए अब स्वयं राजनीति के मैदान में उतरना होगा।
उन्होंने कहा कि अब तक सभी राजनीतिक दलों ने किसानों को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया है लेकिन उनके हित में कभी कोई कार्य नहीं किया गया। 2022 में पंजाब में सरकार बनाने के बाद भारत मिशन के तहत देश में सरकार बनाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि किसान यूनियन के बैनर तले नहीं बल्कि पंजाब मिशन के बैनर तले राज्य की 117 सीटों पर चुनाव लड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि उन्होंने यह प्रस्ताव लोगों के सामने रखा है और आशा है कि सब लोग इसे स्वीकार करेंगे। उन्होंने किसान नेता राजेवाल के 51 साल के संघर्ष पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह बता सकते हैं कि उन्होंने इन वर्षों में संघर्ष में क्या हासिल किया।
चढ़ूनी पहले भी कह चुके हैं कि बीजेपी को हराने से कृषि कानून वापस नहीं होंगे। जब तक किसान सत्ता में नहीं आएगा, तब तक किसान का भला नहीं हो सकता। केवल भाजपा को हराने से तीनों कृषि कानून वापस नहीं होंगे। अगर कृषि कानून वापस हो भी गए तो केवल किसान का डेथ वारंट रद्द होगा। किसान की हालत आज वेंटिलेटर पर है और किसान का संपूर्ण भला करने के लिए वोट लुटेरे गिरोह से छीनकर किसान को सत्ता अपने हाथ में लेनी होगी। मिशन यूपी की जगह मिशन पंजाब शुरू करने की बात कहने पर गुरनाम सिंह चढ़ूनी को संयुक्त मोर्चा से सात दिन के लिए निलंबित कर दिया गया था।