अरबों के ड्रग्स रैकेट के मुख्य आरोपी जगदीश भोला द्वारा लगाए आरोपों को डीजीपी सुमेध सैनी ने एक अनुभवी अपराधी के बेतुके आरोप बताया है। प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कहा कि आरोपों की पड़ताल कर ली गई है।
भोला ने सिर्फ कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया का नाम लिया और पटियाला एसएसपी पर 25 करोड़ की रिश्वत लेने का आरोप लगाया, ताकि जांच रास्ते से भटक जाए। पर ऐसा कतई नहीं होने दिया जाएगा। केस से जुड़े सभी अधिकारियों को कहा गया है कि वे पहले की तरह मुस्तैदी से काम करें।
उन्होंने बताया कि ड्रग्स केस में पंजाब पुलिस के अलावा चार अन्य एजेंसियों ने भी पड़ताल की है। जिनमें इंटेलिजेंस ब्यूरो, एनफोर्समेंट डायरेक्ट्रेट, बीएसएफ और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो शामिल हैं।
सभी ने अलग-अलग समय पर पूछताछ की, एनसीबी ने 27 नवंबर को, तो आईबी ने 14 दिसंबर को। जगदीश भोला के एक सहयोगी की गिरफ्तारी के बाद मार्च-13 में उस पर परचा दर्ज किया गया।
काउंटर इंटेलिजेंस ने उसकी तलाश शुरू की, कई महीने बाद उसे दिल्ली के पास से पकड़ा गया। भोला के खिलाफ विभिन्न जिलों में सात मामले दर्ज हैं।
अब तक इस केस में 28.5 किलो हेरोइन, 14.8 किलो आइस, एक हजार किलो से ज्यादा आइस का रॉ मैटीरियल, 1.17 लाख रुपये, नौ हजार डॉलर, 13 असलहे व 72 वाहन बरामद किए गए हैं।
अब तक 51 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इससे साफ है कि इस केस में कितनी मुस्तैदी से काम किया गया है। भोला ने सिर्फ इसलिए बेतुके आरोपलगाए हैं, ताकि जांच का फोकस भटक जाए।
हेरोइन की रिकवरी बढ़ी
डीजीपी सुमेध सैनी ने कहा कि ड्रग्स के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के चलते हेरोइन की रिकवरी बढ़ी है। 2011 में 100.9 किलो और 2012 में 278.4 किलो रिकवरी हुई थी। 2013 में टू-टियर सिस्टम शुरू किया गया।
जिसमें स्थानीय पुलिस के साथ इंटेलिजेंस ने भी मामलों का फॉलोअप किया। जिसके बाद हेरोइन की रिकवरी 416 किलो पहुंच गई।
पुलिस की प्रतिबद्धता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बटाला में डेढ़ किलो हेरोइन बरामद की गई। आरोपियों ने 50 लाख रिश्वत देने की कोशिश की। वह रकम भी बरामद कर ली गई।