पहले गुट के सिविल अस्पताल में भर्ती मनजीत बहादुर सिंह बावा ने बताया कि वह सोमवार सुबह पत्नी दविंदरपाल कौर व छोटे बेटे वीरकमलजीत बावा उर्फ गिन्नी बावा के साथ गुरुद्वारा साहिब बावियां में माथा टेकने गया था। अरदास व पाठ भोग के बाद वह गुरुद्वारा साहिब से बाहर निकल रहे थे। तभी गुरुद्वारा साहिब प्रबंधक कमेटी की ओर से बुलाए एक निहंग सिंह उनके साथ बेवजह बहसबाजी व दुर्व्यवहार करने लगा। जब उन्होंने विरोध किया तो निहंग सिंह ने तलवार से उन पर हमला कर दिया। जिस कारण तीनों घायल हो गए। उनके बेटे वीरकमलजीत सिंह को गंभीर चोटें लगी। जिस कारण ड्यूटी डॉक्टर ने प्राथमिक इलाज के बाद उसे जालंधर के अस्पताल रेफर कर दिया है।
उन्होंने बताया कि उनका गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के साथ झगड़ा चल रहा है। इस समय काबिज गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से उन पर कथित तौर पर हमला करवाया गया है, ताकि वह गुरुद्वारा साहिब में न आ सके। पहले भी उन पर झूठा मामला दर्ज करवाया गया है। जिसमें उनकी जमानतें हो रखी हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि उनके साथ इंसाफ किया जाए। जिन्होंने गुरुद्वारा साहिब में नाजायज कब्जा कर रखा है, उनके कब्जे से गुरुद्वारा साहिब को छुड़वाया जाए या फिर सरकार इसे अपने कब्जे में लें। वहीं हमला करने वाले निहंग सिंह पर सख्त कार्रवाई की जाए।
दूसरे गुट के घायल सिमरनजीत सिंह निवासी बाबा नामदेव कालोनी ने कहा कि वह गुरुद्वारा साहिब बावियां में सेवा करता है। वह सोमवार सुबह गुरुद्वारा साहिब में मौजूद था और नितनेम बाणी का श्रवण किया। अरदास के समय वीरकमलजीत सिंह बावा उर्फ गिन्नी बावा वहां पर आया और बेतरतीब नगाड़ा बजाने लगा। जिस कारण पाठी सिंह का ध्यान भटक जाता था। इसलिए उसे नगाड़ा बजाने से रोका गया। उसने सड़क पर पड़े डंडों से नगाड़ों को बजाने लगा। ऐसा कर उसने गुरु मर्यादाओं को भंग किया। जब उसे रोका तो वह उसके साथ उलझ पड़ा और दोनों में बहसबाजी व गाली गलौज हो गई।
इसके बाद गिन्नी बावा ने अपनी किरपान से उस पर जानलेवा हमला कर दिया। उसने भी अपने बचाव के लिए अपनी किरपान निकाली और बचाव करने लगा। मगर फिर भी वह घायल हो गया। जिसे तुरंत इलाज के लिए सिविल अस्पताल कपूरथला में दाखिल करवाया गया। घायल सिमरनजीत सिंह ने बताया कि गिन्नी अक्सर गुरुद्वारा साहिब में आकर गुरु मर्यादाओं को भंग करता है और आने वाली संगत से भी दुर्व्यवहार करता है। पाठी सिंह को परेशान करता है। पहले भी उसके खिलाफ पुलिस को कई शिकायतें दी गई है। उसने प्रशासन से मांग की है कि कमलजीत सिंह बावा द्वारा बाणे का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है उस पर रोक लगाई जाए और बनती कानूनी कार्रवाई की जाए।
जब पुलिस टीम ने गुरुद्वारा साहिब में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की तो देखा कि सुबह करीब 07:25 पर यह घटना हुई है। जिसमें वीरकमलजीत सिंह बावा माथा टेकने के लिए गुरुद्वारा साहिब के अंदर गया। उसके बाद गुरुद्वारा साहिब में मौजूद निहंग सिमरनजीत सिंह भी अंदर आ गया। अंदर दोनों में किसी बात को लेकर बहसबाजी हो गई। इसके बाद दोनों गुरुद्वारा साहिब के अंदर से ही एक दूसरे पर तलवारों से हमला करते हुए बाहर निकले।
दोनों एक दूसरे पर तलवार से हमला करते दिखाई दिए। जिस कारण वह घायल हो गए। एसपी (जांच) हरविंदर सिंह ने कहा कि सुबह गुरुद्वारा साहिब में अरदास के समय दोनों पक्षों में किसी बात को लेकर बहसबाजी हो गई। बात मारपीट तक पहुंच गई, दोनों ने एक-दूसरे पर किरपानों से वार किए। जिस कारण दोनों पक्षों के चार लोग घायल हो गए। सभी घायल सिविल अस्पताल में भर्ती है। एक गंभीर घायल को रेफर किया गया है। घायलों के बयान लिए जा रहे है। जांच पड़ताल के दौरान जो भी आरोपी पाए गए, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।