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Punjab: संसद में हिंदू राष्ट्र का नारा लगता है, सिख राष्ट्र की बात करने में गलत क्या...ज्ञानी हरप्रीत सिंह

Sun, 07 Jul 2024 12:35 PM IST
अंकेश ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद खडूर साहिब के सांसद व खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल सिंह के पक्ष में तख्त दमदमा साहिब के जत्थेदार क्षानी हरप्रीत सिंह एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने अमृतपाल सिंह पर लगाए गए एनएसए को गलत बताया है।
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तख्त दमदमा साहिब ज्ञानी हरप्रीत सिंह - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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खालिस्तानी समर्थक और वारिश पंजाब दे प्रमुख अमृतपाल सिंह की रिहाई की मांग पंजाब में तेज हो गई है। सबसे पहले अमृतपाल सिंह की मां बलविंदर कौर ने यह मांग की थी कि उनके बेटा (अमृतपाल सिंह) अब सांसद पद की शपथ भी ले चुका है। ऐसे में अब सरकार के उसे जेल से रिहा करना चाहिए। 
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वहीं, अब तख्त दमदमा साहिब के जत्थेदार क्षानी हरप्रीत सिंह ने भी अमृतपाल सिंह के समर्थन में बयान जारी किया है। तख्त दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत ने रविवार को असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद खडूर साहिब से निर्दलीय सांसद अमृतपाल सिंह के माता-पिता से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि भारत में अगर किसी की राय अलग है, तो उसे एनएसए के तहत जेल में डाल दिया जाता है। संसद में तो 'हिंदू राष्ट्र' का नारा हिंदूस्तान 'जिंदाबाद' का नारा लगाया जाता है। ऐसे नारा लगाने वालों को सम्मानित भी किया गया है। जब एक सिख युवा 'सिख राष्ट्र' की बात करता है तो इसमें गलत क्या है। 
 

उन्होंने कहा कि विदेश में सिखों को मन सम्मान मिल रहा है। विदेश की संसदों में सिख जीत रहे हैं, लेकिन भारत में ऐसा नहीं है। क्योंकि यहां चुनाव जीतने के बाद भी सरकार सांसदों को जेल में बंद करके रख रही है, जो सरासर गलत है।
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लुधियाना में शिवसेना नेता पर हुए हमले पर जत्थेदार क्षानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि वह हिंसा के पक्ष में नहीं हैं। हालांकि धार्मिक तौर पर बहुत सारे लोग नफरत फैलने का काम कर रहे हैं। किसी धर्म के खिलाफ बोलना, नफरत फैलाना भी लगत है। 

बता दें कि खडूर साहिब सीट से निर्दलीय सांसद अमृतपाल सिंह को सांसद पद की शपथ लेने के लिए चार दिन की पैरोल मिली थी। छह जुलाई को अमृतपाल को डिब्रुगढ़ जेल से दिल्ली लाया गया जहां उसने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के कमरे में सांसद पद की शपथ ली। उससे मिलने के लिए पिता और चाचा दिल्ली गए थे। 
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