पंजाब के लुधियाना में लोन चुकाने के बाद भी लोन खाता बंद न करने की एवज में चालीस हजार रुपये की रिश्वत लेने वाले निजी बैंक आईडीएफसी के कलेक्शन मैनेजर को विजिलेंस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को उस समय गिरफ्तार किया जब आरोपी रिश्वत के पैसे लेने के लिए पीड़ित की दुकान पर आया।
इस मामले में सराभा नगर के रहने वाले रविंदर कुमार की शिकायत पर बिक्रमजीत सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ करने में जुटी है। रविंदर कुमार द्वारा पुलिस के पास दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक वह पक्खोवाल रोड लुधियाना में ‘सिलवर मोड फैशन’ के नाम अधीन एक रेडीमेड कपड़ों की दुकान चला रहा है।
उसने आरबीआई की ग्रैंड इमरजेंसी क्रेडिट लाइन (जीईसीएल) स्कीम के अधीन उपरोक्त आईडीएफसी बैंक से सितंबर 2020 में चार साल के लिए 13.32 लाख रुपये का लोन लिया था। उसने कर्ज की सारी रकम किश्तें अदा करके अपना लोन खाता बंद करवाने के लिए उक्त मैनेजर के साथ संपर्क किया।
क्लेक्शन मैनेजर के साथ बातचीत के बाद उसने कर्ज की सारी रकम अदा कर दी फिर भी उसका कर्ज वाला खाता बंद नहीं किया गया। इस संबंधी वह जब उक्त आरोपी से मिला तो उसने बैंक के सीनियर अधिकारियों से यह खाता बंद करवाने के बदले उससे 40 हजार रुपये रिश्वत की मांग की।
विजिलेंस के एसएसपी रविंदर पाल सिंह संधू ने बताया कि आरोपी क्लेक्शन मैनेजर एक बैंक कर्मचारी है, इसलिए बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट 1946 की धारा 46- ए अनुसार वह भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के अधीन लोक सेवक है।
इस शिकायत की प्राथमिक जांच के बाद विजिलेंस रेंज लुधियाना की टीम ने जाल बिछाया और आरोपी बैंक कर्मचारी को दो सरकारी गवाहों की हाजिरी में शिकायतकर्ता से उसकी दुकान में 40 हजार रुपये लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।