उत्तरी भारत के कई राज्यों में अपना खौफ पैदा कर चुके लॉरेंस बिश्नोई और दविंदर बंबीहा गुट की गैंगवार विदेशों तक पहुंच गई है। यूरोप से लेकर पाकिस्तान तक दोनों गुटों के समर्थक आमने सामने हैं। यह भी सामने आया है कि पुलिस की मुठभेड़ में मारे जा चुके दविंदर बंबीहा का सोशल मीडिया फ्रांस से लगातार हैंडिल हो रहा है। आईबी के आलाधिकारियों के मुताबिक, गैंगस्टरों का जाल यूरोप से लेकर कनाडा और अमेरिका के कुछ हिस्सों में फैला हुआ है, जो लगातार फंडिंग के अलावा सोशल मीडिया पर अपने गुट की पीठ थपथपा रहे हैं।
विश्वविख्यात खिलाड़ी संदीप नंगल अंबियां लॉरेंस बिश्नोई और जग्गू भगवानपुरिया से जुड़ा हुआ था। उसकी हत्या के लिए जहां बाहरी प्रदेशों के गैंगस्टरों की मदद ली गई वहीं बंबीहा गुट के शूटरों को कनाडा से तैयार किया गया। इसमें कुशल चौधरी, अमित डागर, फतेहनागरी, पीलीभीत के यादविंदर समेत कई खतरनाक गैंगस्टर शामिल थे लेकिन तार कनाडा में जाकर जुड़े।
सिद्धू मूसेवाला की हत्या लॉरेंस गुट ने की और इसकी जिम्मेदारी ली। लॉरेंस गुट के सक्रिय गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने कनाडा से इसका पूरा नेटवर्क ऑपरेट किया और शूटरों को तैयार किया। कनाडा में बंबीहा गुट व लॉरेंस दोनों के समर्थक हैं और सोशल मीडिया पर भी लगातार बहस चल रही है। बंबीहा गुट को आपरेट करने वाला लक्की पटियाल गैंगस्टर भी यूरोप में है। एजेंसियों को इनपुट है कि वह अर्मानिया में है और वहीं से वह गैंग को चला रहा है। वहीं पर वह बंबीहा गुट के युवाओं को न केवल फंड मुहैया करवा रहा है वहीं यूरोप के कई हिस्सों में अपने साथियों के साथ टीम तैयार कर रखी है। एजेंसियों का कहना है कि यूरोप के काफी इलाकों में बंबीहा गुट से काफी युवा जुड़े हुए हैं और इनका कनेक्शन सोशल मीडिया के जरिये हैं।
लक्की पटियाल के सहयोगी सुखप्रीत सिंह बुड्ढा को नवंबर 2019 में अर्मीनिया से लाया गया था और पंजाब पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस का आरोप है कि सुखप्रीत और उसके सहयोगी पंजाब संगीत उद्योग से जुड़े लोगों को धमकाते थे। कुछ महीने पहले पंजाब पुलिस ने रिटायर पासपोर्ट अधिकारी बीडी चंद को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक बीडी चंद ने गौरव पटियाल से 50 हजार रुपये लेकर उसे फर्जी नाम और पते का भारतीय पासपोर्ट जारी किया था। हिरासत में लिए जाने के दौरान बुड्ढा अवैध रूप से अर्मीनिया से अमेरिका जाने की कोशिश कर रहा था। बुड्ढा गायक परमीश वर्मा पर हमले के बाद अप्रैल 2018 में पंजाब से भाग गया था। उसे इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर हिरासत में ले लिया गया था। एजेंसियों ने काफी ऐसे फेसबुक पेज को ब्लाक करवाया है, जो विदेशों में बैठकर लॉरेंस व बंबीहा के समर्थकों द्वारा चलाए जा रहे थे। मनीला में मंदीप मनाली की हत्या भी बंबीहा व लॉरेंस की दुश्मनी का नतीजा है। मनीला में भी लॉरेंस व गोल्डी के काफी समर्थक युवा हैं, जो मनीला में हैं।
महत्वपूर्ण वारदात
- 14 अप्रैल साल 2018 में सिंगर परमीश वर्मा पर चली गोली, दिलप्रीत बाबा ग्रुप ने ली जिम्मेदारी।
- 10-11 अक्तूबर 2020 में सोपू नेता गुरलाल बराड़ की हत्या हुई जिसकी बंबीहा ग्रुप ने जिम्मेदारी ली।
- आठ फरवरी 2021 में फरीदकोट में कांग्रेस नेता गुरलाल सिंह की हत्या की गई जिसकी जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप ने ली।
- 7 अगस्त 2021 को मोहाली में अकाली नेता विक्की मिड्डूखेड़ा की हत्या का जिम्मा बंबीहा ग्रुप ने लिया।
- बलबीर सिद्धू के करीबी हरप्रीत से 40 लाख की रंगदारी, लॉरेंस ग्रुप ने ली जिम्मेदारी।
- दो जून 2018 को पंजाबी गायक गिप्पी ग्रेवाल से मांगी रंगदारी, दिलप्रीत ढाहा ग्रुप ने ली जिम्मेदारी।
- 28 सितंबर 2019 को बुड़ैल में सोनू शाह की हत्या लॉरेंस ग्रुप ने करवाई।
- 18 मार्च 2020 को सुरजीत बाउंसर की हत्या का जिम्मा दविंदर बंबीहा ने लिया।