मौके पर मौजूद डीएसपी कुलविंदर सिंह विर्क ने बताया कि 1971 की लड़ाई में यहां रेलवे स्टेशन के नजदीक बम गिराए गए थे और अंदेशा है कि यह बम भी दुश्मन देश के जहाज से यहां गिराया गया होगा। बता दें कि इस जगह पर तालाब होता था। तालाब में गिरने के कारण यह बम फटा नहीं होगा। बाद में तालाब को भर दिया गया था और उस जमीन पर अब लंबे समय से खेती की जा रही है।
बम निरोधक दस्ते की टीम के प्रभारी इंस्पेक्टर सुरिंदर पाल सिंह ने बताया कि बहुत ही भारी होने के कारण इस बम को उसी खेत में मिट्टी की बोरियों के नीचे सुरक्षित दबा दिया गया है। इसे भारतीय सेना की जगरांव स्थित बम निरोधक टीम द्वारा सुरक्षित तरीके के डिफ्यूज किया जाएगा।
गांव धर्मपुरा के बुजुर्गों का कहना है कि वर्ष 1971 में जंग के दौरान क्षेत्र में करीब दो बम एक एयरक्राफ्ट से गिराए गए थे। इनमें से एक में विस्फोट हो गया था जबकि दूसरा यहां गांव के तालाब में गिरा और दलदली भूमि होने के कारण फटा नहीं था।