इस्सेेवाल सामूहिक दुष्कर्म केस
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पंजाब के साथ-साथ देश को हिलाकर रख देने वाले इस्सेवाल सामूहिक दुष्कर्म मामले में जिला अदालत की स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट ने पांच दोषियों को आजीवन कारावास और एक नाबालिग को 20 साल की सजा सुनाई है। अदालत ने बालिग दोषियों पर एक लाख और नाबालिग पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
9 फरवरी 2019 की रात हुए इस सामूहिक दुष्कर्म कांड में पीड़िता को तीन साल 23 दिन बाद इंसाफ मिला है। शुक्रवार दोपहर तीन बजे जिला अदालत के कोर्ट रूम नंबर 6 में फैसला सुनाते हुए जज रश्मि शर्मा ने जगरूप सिंह रूपी, सादिक अली, सैफ अली, सुरमु और अजय उर्फ लल्लन उर्फ ब्रिज नंदन को उम्रकैद की सजा सुनाई और एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
घटना के वक्त नाबालिग रहे दोषी लियाकत अली को 20 साल की सजा सुनाई। जिला अदालत में शुक्रवार को इस मुकदमे की आखिरी पेशी के कारण सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए थे। कड़ी सुरक्षा के बीच दोपहर साढ़े 12 बजे के करीब सभी 6 दोषियों को जिला अदालत के कोर्ट रूम नंबर 6 में लाया गया।
जहां सुनवाई और बचाव पक्ष की दलील सुनने के बाद फैसला सुनाया गया। पीड़िता के वकील एडवोकेट हरदयाल इंदर सिंह गरेवाल के सहायक एडवोकेट सरबजीत सिंह बत्रा ने कहा कि यह फैसला ऐतिहासिक होने के साथ जिला अदालत का एकमात्र फैसला भी बन गया है, जिसमें सामूहिक दुष्कर्म की इतनी बड़ी सजा सुनाई गई है।
दोस्त के साथ युवती का अपहरण किया था
9 फरवरी 2019 की रात आठ बजे अपने दोस्त के साथ चॉकलेट डे सेलिब्रेट करने के लिए कार में घूमने निकली युवती को दोषियों ने लुधियाना के पॉश इलाके साउथ सिटी के समीप नहर से अगवा कर लिया था। मोटरसाइकिल सवार दोषियों ने युवती और उसके दोस्त की कार पर ईंट-पत्थर मारकर शीशे तोड़ दिए थे और उन्हें घेर कर पिस्तौल दिखाकर गांव इस्सेवाल की हद में एक सुनसान खाली प्लॉट में ले गए थे।
दोषियों ने युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और पीटा। युवती के दोस्त को भी रात भर पीटते रहे। युवती के सारे गहने और रुपये भी लूट लिए थे। दोनों को छोड़ने के लिए दो लाख रुपये फिरौती की भी मांग की थी। फिरौती की रकम न मिलती देख वे सुबह चार बजे दोनों को वहीं बेहाल छोड़ फरार हो गए थे।