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पंजाब कांग्रेस कार्यकारिणी से तीन और इस्तीफे

Thu, 02 Jan 2014 07:03 PM IST
अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब प्रदेश कांग्रेस की नई कार्यकारिणी के गठन के बाद से उठी बगावत थमने का नाम नहीं ले रही है। रोजाना कोई न कोई पदाधिकारी इस्तीफा दे रहा है।
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इसी कड़ी में वीरवार को तीन प्रमुख नेताओं ने इस्तीफा दे दिया। जिनमें प्रदेश सचिव जगदर्शन कौर बराड़ और कार्यकारिणी मेंबर विजय साथी और सुखजीत सिंह उर्फ काका लौहगढ़ शामिल हैं।

तीनों ने ही अपने इस्तीफे पीपीसीसी के बजाय पार्टी हाईकमान को भेजे हैं।

विजय साथी ने हाल ही में मोगा से उप चुनाव लड़ा था। साथी ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान दर्शन बराड़ ने उनकी जम कर मुखालफत की।

अब दर्शन बराड़ को मोगा की जिला प्रधानगी सौंप दी गई है। पार्टी विरोधी काम करने वालों को नई कार्यकारिणी में पद देकर नवाजा गया है। जिसे देखते हुए वह अपना इस्तीफा हाईकमान को भेज रहे हैं।
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साथी का कहना था कि इतनी बड़ी कार्यकारिणी का गठन ही गलत है। यह पार्टी के संविधान के खिलाफ है। बाकी दोनों नेताओं ने भी इस्तीफे पार्टी हाईकमान को ही भेजे हैं। इनमें काका लौहगढ़ पहले अकाली दल में थे, उसके बाद उन्होंने पीपीपी ज्वाइन कर ली थी। पिछले विधानसभा चुनाव में कैप्टन अमरिंदर सिंह उन्हें कांग्रेस में ले आए थे। काका लौहगढ़ को धरमकोट से टिकट दिया गया था, पर वह चुनाव हार गए थे। वहीं, जगदर्शन कौर बराड़ इससे पहले मोगा की जिला प्रधान थीं। कई कमेटी में उन्हें प्रदेश सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
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पार्टी में रखें बात - बाजवा
प्रदेश कांग्रेस प्रधान प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि पारिवारिक समागम में भी कुछ लोग नाराज रह ही जाते हैं। सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व देते हुए कमेटी का गठन किया गया। सारी चीजें हाईकमान की जानकारी में थी। उन्होंने भी प्रदेश के सीनियर नेताओं से राय ली। जिसके बाद कमेटी फाइनल की गई। अगर अभी किसी को कोई जायज ऐतराज है तो वह मीडिया में जाने के बजाय उनसे मिले। सभी कांग्रेस परिवार के सदस्य हैं, चुनाव को देखते हुए इकट्ठे हों।
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