प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी के गठन के बाद से उठ रहे विरोधी सुर थम नहीं रहे हैं।
इस कड़ी में बुधवार को फतेहगढ़ चूड़ियां के विधायक तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
बाजवा को वर्किंग कमेटी मेंबर बनाया गया था। मंगलवार को खरड़ के विधायक जगमोहन सिंह कंग भी महासचिव पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर चुके हैं।
तृप्त राजिंदर ने आरोप लगाया कि प्रदेश प्रधान प्रताप सिंह बाजवा ने उनके विरोधियों को वर्किंग कमेटी का मेंबर बना दिया। जिन लोगों ने चुनाव में उनका जमकर विरोध किया, प्रधान बाजवा ने उन्हें शाबाशी देते हुए पद देकर नवाजा।
इसके विरोध में ही उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। तृप्त राजिंदर ने आरोप लगाया कि प्रधान बाजवा की शह पर ही इन लोगों ने चुनाव में उनकी मुुखालफत की, अब बाजवा ने उन्हें वर्किंग कमेटी में शामिल कर लिया।
तृप्त राजिंदर ने कहा कि उन्होंने कभी किसी पद की मांग नहीं की। वह विधायक हैं और लोगों की सेवा करने के लिए यही बहुत अच्छा प्लेटफार्म है। एक मजबूत सिपाही की तरह वे पार्टी के लिए काम करते रहेंगे।
गौरतलब है कि तृप्त राजिंदर को प्रदेश प्रधान प्रताप सिंह बाजवा का धुर विरोधी माना जाता है। वह बाजवा के गुरदासपुर हलके से ही हैं। पर हमेशा से दोनों का छत्तीस का आंकड़ा रहा है।