पंजाब के लुधियाना के सरकारी अस्पताल में एक कर्मचारी की शर्मनाक हरकत का खुलासा हुआ है। सिविल अस्पताल लुधियाना की मोर्चरी में लावारिस शवों के कफन बेचने का मामला सामने आया है। इसे लेकर सेहत विभाग ने जांच के आदेश दिए हैं। डिप्टी मेडिकल कमिश्नर डॉ. अमरजीत कौर ने बताया कि इस मामले में आरोपी कर्मचारी के खिलाफ जांच की जा रही है। एसएमओ डॉ. मनदीप सिद्धू को जांच की जिम्मेदारी सौंपते हुए डॉक्टरों का पैनल गठित किया है।
दरअसल, अस्पताल में एक समाजसेवी संस्था अज्ञात शवों को पोस्टमार्टम के बाद लपेटने के लिए हर महीने 50 से 60 पीस कफन का कपड़ा भेज रही थी। लेकिन मोर्चरी का एक कर्मचारी सेवा के तौर पर भेजे डेड बॉडी कवर और कफन बेचकर अपनी जेब भर रहा था। वह स्टॉक में धांधलेबाजी करके लंबे समय से मोर्चरी में अपनी दुकानदारी चला रहा था।
जब किसी मृत व्यक्ति के परिजन शव को रखवाने या फिर शव को पोस्टमार्टम के बाद ले जाने के लिए आते थे तो आरोपी कर्मचारी उनको डेड बॉडी कवर और कफन बेच देता था। सिविल अस्पताल की मोर्चरी से अज्ञात शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद अंतिम संस्कार के लिए ले जाते समय कई बार पुलिस कर्मीं या फिर कोई समाजसेवी अपने स्तर पर डेड बॉडी कवर व कफन का इंतजाम कर देते थे। ऐसे मामलों में आरोपी कर्मचारी रजिस्टर में फर्जी एंट्री कर देता था और डेड बॉडी कवर व कफन किसी और को बेचकर कागजों में स्टॉक भी पूरा दिखा देता था। मामले का खुलासा होने के बाद आरोपी कर्मचारी के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं।