इसके बाद अमरिंदर सिंह ने अधिकारी से फोन पर संपर्क किया। आरोप है कि अधिकारी ने तबादला रोकने के लिए 1.25 लाख रुपये की मांग की और यह रकम किस्तों में देने की बात कही। बातचीत को अमरिंदर सिंह ने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड भी कर लिया।
रिश्वत देने से इनकार करते हुए शिकायतकर्ता ने विजिलेंस ब्यूरो रेंज जालंधर से संपर्क किया। शिकायत की जांच के बाद विजिलेंस टीम ने दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में जाल बिछाया। इस दौरान आरोपी एसडीई अगमजोत सिंह को शिकायतकर्ता से 30 हजार रुपये की पहली किस्त लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया।
विजिलेंस ने रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली है। आरोपी के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो जालंधर रेंज थाने में भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच जारी है।