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Punjab:केसगढ़ से कनाडा तक गूंजेगी लासानी शहादत की कहानी,लाइट एंड साउंड शो से बताई जाएगी गुरु साहिब की कुर्बानी

Tue, 28 Oct 2025 03:21 PM IST
अंकेश ठाकुर नितिन उपमन्यु, चंडीगढ़

सार

18 नवंबर को श्रीनगर स्थित छठी पातशाही के गुरुद्वारा साहिब में कीर्तन दरबार होगा और 19 नवंबर से कीर्तन दरबार आरंभ होगा। यह नगर कीर्तन जम्मू, पठानकोट, होशियारपुर से होते हुए 22 नवंबर को श्री आनंदपुर साहिब पहुंचेगा।
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श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सिखों के नौवें गुरु हिंद की चादर श्री गुरु तेग बहादुर जी की शहादत सदियों से दुनिया को प्रेरणा देती आई है। इस वर्ष उनके 350वें शहीदी दिवस को यादगार बनाने के लिए पंजाब सरकार बड़े स्तर पर कार्यक्रमों का आयोजन करने जा रही है। यह कार्यक्रम एक महीना चलेंगे। खालसा की धरती श्री आनंदपुर साहिब स्थित गुरुद्वारा श्री केसगढ़ साहिब से लेकर कनाडा के ओंटारियो स्थित गुरुद्वारा श्री खालसा दरबार में श्री गुरु तेग बहादुर जी की लासानी (अद्वितीय) शहादत की कहानी करोड़ों लोगों को प्रेरित करेगी। कनाडा के अलावा अमेरिका, यूके, ऑस्ट्रेलिया, दुबई और मलयेशिया में भी कार्यक्रम होंगे।

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सोमवार से देश-विदेश में एक महीने चलने वाले कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। हालांकि शनिवार को दिल्ली स्थित गुरुद्वारा श्री शीशगंज साहिब में अरदास के साथ आयोजन की शुरुआत हो चुकी है लेकिन मुख्य कार्यक्रम श्री आनंदपुर साहिब में होंगे। यहां इस दौरान एक करोड़ से अधिक संगत के पहुंचने की उम्मीद है। 30 नवंबर तक रोजाना 12 हजार से अधिक संगत के ठहराव के लिए बड़ी टेंट सिटी बनाई जा रही है। इसका नाम चक्क नानकी रखा गया है। इसके अतिरिक्त बनाई गई टेंट सिटी के नाम भाई सती दास व भाई मति दास के नाम पर रखे जाएंगे। 27 अक्तूबर से 30 नवंबर तक देश-दुनिया में अखंड पाठ, नगर कीर्तन व सेमिनार जैसे कई कार्यक्रम होंगे। पंजाब के सभी 23 जिलों में लाइट एंड साउंड शो से गुरु साहिब जी की कुर्बानी के बारे में बताया जाएगा। कार्यक्रम की तैयारियां जोरों पर हैं। लाइट एंड साउंड शो का उद्देश्य युवाओं को नौवें गुरु के जीवन-दर्शन और उनकी महान, अद्वितीय कुर्बानी से रूबरू कराना है। ये शो गुरु जी के जीवन और उनके अनुयायियों भाई मती दास जी, भाई सती दास जी और भाई दियाला जी को समर्पित होंगे। देश के 28 राज्यों के मुख्यमंत्रियों को इन स्मरणीय आयोजनों में शामिल होने का आमंत्रण भेजा गया है।

श्रीनगर से बठिंडा तक चार नगर कीर्तन

18 नवंबर को श्रीनगर स्थित छठी पातशाही के गुरुद्वारा साहिब में कीर्तन दरबार होगा और 19 नवंबर से कीर्तन दरबार आरंभ होगा। यह नगर कीर्तन जम्मू, पठानकोट, होशियारपुर से होते हुए 22 नवंबर को श्री आनंदपुर साहिब पहुंचेगा। दूसरा नगर कीर्तन गुरदासपुर से आरंभ होगा जो बटाला, बाबा बकाला, श्री अमृ़तसर साहिब, तरनतारन, जालंधर, फगवाड़ा, नवांशहर, बलाचौर आदि होते हुए श्री आनंदपुर साहिब पहुंचेगा। तीसरा नगर कीर्तन बठिंडा के तख्त श्री दमदमा साहिब से आरंभ होगा। यह बठिंडा, संगरूर, पटियाला व मोहाली होते हुए श्री आनंदपुर साहिब पहुंचेगा। चौथा नगर कीर्तन 20 नवंबर को फरीदकोट के टिल्ला बाबा फरीद से शुरू होगा जो फिरोजपुर व मोगा होते हुए लुधियाना पहुंचेगा और वहां गुरुद्वारा श्री दुख निवारण साहिब में रात्रि विश्राम करेगा। 21 नवंबर को सुबह खन्ना, फतेहगढ़ साहिब, मोरिंडा, चमकौर साहिब होते हुए श्री आनंदपुर साहिब पहुंचेंगा। सभी नगर कीर्तन 22 नवंबर की शाम को श्री आनंदपुर साहिब पहुंचेंगे।

सर्वधर्म सम्मेलन, विरासत-ए-खालसा में प्रदर्शनी, ड्रोन शो

इस बड़े आयोजन की देखरेख कर रहे कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस के अनुसार 23, 24 व 25 नवंबर को श्री आनंदपुर साहिब में विश्व स्तरीय समारोह होगा। इसमें 23 को श्री अखंड पाठ साहिब के आरंभ के बाद सर्व धर्म सम्मेलन होगा। विरासत-ए-खालसा में गुरु साहिब के जीवन व उनके बलिदान के बारे में प्रदर्शनी आयोजित होगी। पहली बार पंजाब में श्री आनंदपुर साहिब में 23, 24 व 25 को ड्रोन शो और शाम को कीर्तन दरबार होंगे।

श्री कीरतपुर साहिब से श्री आनंदपुर साहिब तक शीश भेंट यात्रा

24 नवंबर को श्री कीरतपुर साहिब से श्री आनंदपुर साहिब तक शीश भेंट यात्रा आयोजित होगी। कीरतपुर साहिब में ही भाई जैता जी गुरु साहिब का शीश लेकर आए थे। 24 को पंजाब के इतिहास में पहली बार विधानसभा का एक विशेष सत्र श्री आनंदपुर साहिब स्थित भाई जैता जी के मेमोरियल भवन में होगा। 25 नवंबर को श्री अखंड पाठ साहिब के भोग। इसके बाद सिख पंथ के रागी नौवें पातशाह की बाणी का कीर्तन करेंगे।
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कॉलेजों-विश्वविद्यालयों में विशेष सेमिनार

इस पावन उपलक्ष्य में पंजाब के सभी सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों के साथ-साथ तमाम विश्वविद्यालयों में भी विशेष सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। इनका केंद्र बिंदु गुरु तेग बहादुर जी का प्रेरणादायक जीवन-दर्शन और उनकी कालजयी शिक्षाएं होंगी। विद्यार्थियों को गुरु जी के दिखाए शांति, सर्व-धर्म समभाव, समानता और निडरता के रास्ते के बारे में जानकारी दी जाएगी। यह आयोजन न केवल नई पीढ़ी को अपने गौरवमयी इतिहास और महान गुरुओं के सर्वोच्च बलिदान से परिचित कराएगा बल्कि उनके मन में उन बलिदानों के प्रति सच्चा सम्मान भी पैदा करेगा। 15 नवंबर से राज्य की हर शैक्षणिक संस्था में गुरु साहिब जी के महान जीवन, दर्शन और बलिदान पर सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। 25 नवंबर को रक्तदान शिविरों और वन विभाग की ओर से बड़े स्तर पर पौधरोपण अभियान और सरबत दा भला कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। वाहनों की पार्किंग के लिए 29 स्थानों की पहचान की गई है और आयोजन के दौरान ये सभी पार्किंग स्थल सक्रिय रहेंगे। श्रद्धालुओं को पवित्र स्थल तक लाने और वापस ले जाने के लिए एक समर्पित शटल बस सेवा चलाई जाएगी।
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