श्रीनगर से बठिंडा तक चार नगर कीर्तन
18 नवंबर को श्रीनगर स्थित छठी पातशाही के गुरुद्वारा साहिब में कीर्तन दरबार होगा और 19 नवंबर से कीर्तन दरबार आरंभ होगा। यह नगर कीर्तन जम्मू, पठानकोट, होशियारपुर से होते हुए 22 नवंबर को श्री आनंदपुर साहिब पहुंचेगा। दूसरा नगर कीर्तन गुरदासपुर से आरंभ होगा जो बटाला, बाबा बकाला, श्री अमृ़तसर साहिब, तरनतारन, जालंधर, फगवाड़ा, नवांशहर, बलाचौर आदि होते हुए श्री आनंदपुर साहिब पहुंचेगा। तीसरा नगर कीर्तन बठिंडा के तख्त श्री दमदमा साहिब से आरंभ होगा। यह बठिंडा, संगरूर, पटियाला व मोहाली होते हुए श्री आनंदपुर साहिब पहुंचेगा। चौथा नगर कीर्तन 20 नवंबर को फरीदकोट के टिल्ला बाबा फरीद से शुरू होगा जो फिरोजपुर व मोगा होते हुए लुधियाना पहुंचेगा और वहां गुरुद्वारा श्री दुख निवारण साहिब में रात्रि विश्राम करेगा। 21 नवंबर को सुबह खन्ना, फतेहगढ़ साहिब, मोरिंडा, चमकौर साहिब होते हुए श्री आनंदपुर साहिब पहुंचेंगा। सभी नगर कीर्तन 22 नवंबर की शाम को श्री आनंदपुर साहिब पहुंचेंगे।
सर्वधर्म सम्मेलन, विरासत-ए-खालसा में प्रदर्शनी, ड्रोन शो
इस बड़े आयोजन की देखरेख कर रहे कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस के अनुसार 23, 24 व 25 नवंबर को श्री आनंदपुर साहिब में विश्व स्तरीय समारोह होगा। इसमें 23 को श्री अखंड पाठ साहिब के आरंभ के बाद सर्व धर्म सम्मेलन होगा। विरासत-ए-खालसा में गुरु साहिब के जीवन व उनके बलिदान के बारे में प्रदर्शनी आयोजित होगी। पहली बार पंजाब में श्री आनंदपुर साहिब में 23, 24 व 25 को ड्रोन शो और शाम को कीर्तन दरबार होंगे।
श्री कीरतपुर साहिब से श्री आनंदपुर साहिब तक शीश भेंट यात्रा
24 नवंबर को श्री कीरतपुर साहिब से श्री आनंदपुर साहिब तक शीश भेंट यात्रा आयोजित होगी। कीरतपुर साहिब में ही भाई जैता जी गुरु साहिब का शीश लेकर आए थे। 24 को पंजाब के इतिहास में पहली बार विधानसभा का एक विशेष सत्र श्री आनंदपुर साहिब स्थित भाई जैता जी के मेमोरियल भवन में होगा। 25 नवंबर को श्री अखंड पाठ साहिब के भोग। इसके बाद सिख पंथ के रागी नौवें पातशाह की बाणी का कीर्तन करेंगे।
कॉलेजों-विश्वविद्यालयों में विशेष सेमिनार
इस पावन उपलक्ष्य में पंजाब के सभी सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों के साथ-साथ तमाम विश्वविद्यालयों में भी विशेष सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। इनका केंद्र बिंदु गुरु तेग बहादुर जी का प्रेरणादायक जीवन-दर्शन और उनकी कालजयी शिक्षाएं होंगी। विद्यार्थियों को गुरु जी के दिखाए शांति, सर्व-धर्म समभाव, समानता और निडरता के रास्ते के बारे में जानकारी दी जाएगी। यह आयोजन न केवल नई पीढ़ी को अपने गौरवमयी इतिहास और महान गुरुओं के सर्वोच्च बलिदान से परिचित कराएगा बल्कि उनके मन में उन बलिदानों के प्रति सच्चा सम्मान भी पैदा करेगा। 15 नवंबर से राज्य की हर शैक्षणिक संस्था में गुरु साहिब जी के महान जीवन, दर्शन और बलिदान पर सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। 25 नवंबर को रक्तदान शिविरों और वन विभाग की ओर से बड़े स्तर पर पौधरोपण अभियान और सरबत दा भला कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। वाहनों की पार्किंग के लिए 29 स्थानों की पहचान की गई है और आयोजन के दौरान ये सभी पार्किंग स्थल सक्रिय रहेंगे। श्रद्धालुओं को पवित्र स्थल तक लाने और वापस ले जाने के लिए एक समर्पित शटल बस सेवा चलाई जाएगी।