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Punjab: श्री गुरु ग्रंथ साहिब के गुम हुए 328 स्वरूपों के मामले में पुलिस का एक्शन, 16 लोगों पर केस दर्ज

Mon, 08 Dec 2025 10:30 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने बताया कि पंजाब सरकार किसी भी धर्म की बेअदबी को बर्दाश्त नहीं करेगी और इस तरह के घृणित अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को हमारी सरकार द्वारा नहीं बख्शा जाएगा।
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पंजाब पुलिस - फोटो : X @DGPPunjabPolice
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विस्तार
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पंजाब पुलिस ने बेअदबी मामले में बड़ी कार्रवाई की है। अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 पावन सरूपों (पवित्र ग्रंथ) के गुम होने के संबंध में 16 व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
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जिन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, उनमें डॉ. रूप सिंह, मनजीत सिंह, गुरबचन सिंह, सतिंदर सिंह, निशान सिंह, परमजीत सिंह, गुरमुख सिंह, जुझार सिंह, बाज सिंह, दलबीर सिंह, कमलजीत सिंह, कुलवंत सिंह, जसप्रीत सिंह, गुरबचन सिंह, सतिंदर सिंह और अमरजीत सिंह शामिल हैं।

यह कार्रवाई अमृतसर स्थित शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के प्रकाशन घर श्री गुरु ग्रंथ साहिब भवन में रिकॉर्ड के रख-रखाव में पाई गई कमियों और खराब प्रबंधन की लंबी जांच के बाद की गई है। एफआईआर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं 295 (किसी धर्म का निरादर करने के इरादे से पूजा स्थल या पवित्र वस्तु को नुकसान पहुंचाना या बेअदबी करना), 295-ए (धार्मिक भावनाएं भड़काने के इरादे से जान-बूझकर की गई घृणित गतिविधियां), 409 (आपराधिक रूप से विश्वासघात), 465 (जालसाज़ी) और 120-बी (आपराधिक साज़िश) के तहत थाना डिवीजन-सी अमृतसर कमिश्नरेट में दर्ज की गई है।
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इस संबंध में पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने बताया कि पंजाब सरकार किसी भी धर्म की बेअदबी को बर्दाश्त नहीं करेगी और इस तरह के घृणित अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को हमारी सरकार द्वारा नहीं बख्शा जाएगा। उन्होंने कहा कि गुरु साहिबानों ने हमें हर धर्म की रक्षा का मार्ग दिखाया है।

भाई बलदेव सिंह वडाला ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 पावन सरूपों की बेअदबी के आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए पंजाब सरकार की सराहना की। उन्होंने स्पीकर संधवां से अपील की कि वे बेअदबी जैसे अपराधों के दोषियों को मृत्युदंड सुनिश्चित करने के लिए विधानसभा में कानून पारित करें ताकि भविष्य में कोई भी इस प्रकार के अपराध को करने की हिम्मत न कर सके जिससे समाज के लिए एक सख्त उदाहरण स्थापित हो।

 
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एसजीपीसी में पंजाब सरकार की दखलअंदाजी बर्दाश्त नहीं : एडवोकेट धामी

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 पवित्र स्वरूपों के गायब मुद्दे को लेकर कुछ संगठनों के धरने और आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा लीडरशिप को सिख संस्थाओं में खुला दखलअंदाजी बताया है। उन्होंने कहा कि इस पुराने मामले में हुए धरने में पंजाब सरकार के प्रतिनिधियों का शामिल होना और निर्देश देना पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है।

एडवोकेट धामी ने कहा कि पंजाब सरकार यह सपना देखना बंद कर दे कि वह सिख संस्थाओं को अपनी मर्जी से चलाएगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय संस्थाएं सिर्फ देश की होती हैं और उनमें सरकारी दखलअंदाजी की किसी भी कोशिश को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि सिख समुदाय अपने धार्मिक संस्थाओं की गरिमा और परंपराओं की रक्षा करना जानता है, जिसे सरकार को अच्छी तरह समझना चाहिए। 

एसजीपीसी अध्यक्ष ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पवित्र स्वरूपों के जिस मामले में सरकार दखल देकर गंभीर गलती कर रही है, वह सीधे तौर पर एसजीपीसी का एडमिनिस्ट्रेटिव मामला है।

उन्होंने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 पवित्र स्वरूपों के मामले की जांच खुद श्री अकाल तख्त साहिब ने की थी और जांच की रिपोर्ट और सिफारिशों के मुताबिक डिपार्टमेंटल कार्रवाई की गई है। श्री अकाल तख्त साहिब की रिपोर्ट में यह साफ कर दिया गया है कि 328 पवित्र स्वरूपों का मामला बेअदबी का नहीं बल्कि कुछ कर्मचारियों द्वारा पैसे की हेराफेरी का है।

उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब कौम में सबसे ऊपर है और अगर सारी कार्रवाई श्री अकाल तख्त साहिब के आदेश के मुताबिक पूरी हो गई है, तो सरकार इस पर राजनीति करने वाली कौन होती है।

एडवोकेट धामी ने 1999 में छपी किताब के मुद्दे को तूल दिए जाने को भी पॉलिटिकल कदम बताया। उन्होंने कहा कि एतराज़ के बाद शिरोमणि कमेटी के उस समय के मैनेजमेंट ने किताब पर बैन लगा दिया था, जिसका इंग्लिश में ट्रांसलेशन करके उसे छापा गया था और इसे वापस लेने के लिए अखबारों में ऐड भी दिए थे। इसके अलावा, पिछले सेशन के दौरान हुई गलती के लिए माफी भी मांगी गई थी। अब इसे बार-बार उठाने का कोई मतलब नहीं है।

उन्होंने कहा कि शिरोमणि कमेटी किसी भी दबाव या सरकार की निचले लेवल की कार्रवाई से डरती नहीं है और कमेटी के सदस्य सरकार की चालों को कभी कामयाब नहीं होने देंगे।

शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष ने सरकार को चेतावनी दी कि वह सिख मामलों में दखल देना बंद करे। अगर सिख संस्थाओं और गुरु घर की नैतिकता में दखल देना बंद नहीं किया गया, तो इसके नतीजों के लिए पंजाब सरकार ज़िम्मेदार होगी।

एसजीपीसी अध्यक्ष ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से भी अपील की कि वह उन मामलों में सरकार के दखल पर ध्यान दें, जिन पर श्री अकाल तख्त साहिब ने विचार किया है और कार्रवाई की है, ताकि पंथ की परंपराओं का सम्मान बना रहे।

 
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