पंजाब में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा अपनी रणनीति को और धार देते हुए आगे बढ़ रही है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों दावा कर रहे हैं कि इस बार पार्टी चुनावी रण में पहले से ज्यादा मजबूत स्थिति के साथ उतरेगी।
किन मुद्दों के साथ मतदाताओं के बीच जाना है, कैसे चुनावी प्रचार को आगे बढ़ाना है, घोषणा पत्र को किन मसलों पर केंद्रित रखना है और कैसे सामाजिक-राजनीतिक संतुलन साधते हुए विरोधियों की घेराबंदी करनी है, इसे लेकर भाजपा अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में लगी है।
इसी से जुड़े सवालों के जवाब अमर उजाला कार्यालय पहुंचे प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने दिए। पंजाब के ब्यूरो चीफ मोहित धुपड़ व वरिष्ठ संवाददाता राजेंद्र शर्मा के साथ उनकी बातचीत के कुछ अंश...
सवाल : विधानसभा चुनाव सिर पर हैं, पंजाब में भाजपा की संगठनात्मक तैयारी कैसी है?
जवाब : देश में भाजपा से बड़ा कोई संगठन नहीं है। यहां सिस्टम काम करता है, व्यक्ति नहीं। इसी कार्यप्रणाली के चलते आज पंजाब में भाजपा ने 24 हजार से अधिक बूथों तक अपनी संगठनात्मक पहुंच बनाई है। बूथ मैनेजमेंट पर काम चल रहा है, जबकि जिला, ब्लॉक व मंडल स्तर से लेकर पन्ना प्रमुख तक संगठन चुनावी रण में उतरने को तैयार है। संगठन ही भाजपा की असली ताकत है।
सवाल : शिअद के साथ गठबंधन की अटकलें जारी हैं। आखिरकार पार्टी की रणनीति क्या है?
जवाब : पंजाब भाजपा सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ने को तैयार है। एक-एक सीट पर हमारे पास तीन-तीन दमदार प्रत्याशी मौजूद हैं। इस बात से हाईकमान को अवगत करवा चुके हैं। अकालियों से गठबंधन होगा या नहीं, यह हाईकमान को देखना , मगर पंजाब भाजपा की तैयारी पूरी है। शिरोमणि अकाली दल क्षेत्रीय पार्टी है। मैं भी इस दल की इज्जत करता हूं। मेरा मानना है सूबे में क्षेत्रीय पार्टी जरूरी होनी चाहिए। वे अपनी तैयारी करें, हम अपनी तैयारी कर रहे हैं।
सवाल : किन एजेंडों को लेकर मैदान में उतरेंगे, बड़े चुनावी मुद्दे क्या रहेंगे?
जवाब : पंजाब में सबसे बड़ा मुद्दा नशे का है। इसी के संदर्भ में हमने 117 सीटों को कवर करते हुए 4,000 किलोमीटर की जागरूकता यात्राएं निकाली हैं। जालंधर रैली में देश के गृह मंत्री ने पंजाब को नशामुक्त करने की डेडलाइन (31 दिसंबर 2029) तक तय कर दी है। इसी प्रमुख मुद्दे को लेकर भाजपा घर-घर जाएगी। पंजाबियों के कल्याण से जुड़े कुछ अन्य मुद्दे भी रहेंगे।
सवाल : किसानों को साधना बड़ी चुनौती है। कैसे करेंगे?
जवाब : पार्टी किसान जत्थेबंदियों के साथ बैठकें कर उन्हें यह समझा रही है कि आज मुद्दा सिर्फ एमएसपी का नहीं रह गया है, बल्कि फसल विविधीकरण के साथ अपनी आय बढ़ाने का है। पड़ोसी राज्य हरियाणा इसका बड़ा उदाहरण है। हरियाणा सरकार 24 फसलों को एमएसपी पर खरीदती है। पंजाब में भी धान व गेहूं की फसल केंद्र सरकार एमएसपी पर खरीद रही है, मगर अब जरूरत किसानों की आय बढ़ाने की है।
सवाल : मुख्यमंत्री कहते हैं कि ईडी और सीबीआई पंजाब में सक्रिय हो गई हैं। यह भाजपा का चुनावी पैटर्न है?
जवाब : जब कहीं कोई गड़बड़ी मिलती है तभी ईडी और सीबीआई सक्रिय होती हैं। ये दोनों सांविधानिक केंद्रीय एजेंसियां हैं। ईडी ने पंजाब में बड़े स्तर पर अनियमितताओं और गड़बड़ियों को पकड़ा। इसके बाद ईडी ने पंजाब के डीजीपी गौरव यादव को पत्र भेजकर एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की। चार रिमाइंडर भेजे, तब भी कुछ नहीं किया तो हाईकोर्ट को सीबीआई जांच के आदेश देने पड़े। जब किसी ने कुछ गलत नहीं किया तो डरने की क्या जरूरत है।
सवाल : आप नेता कहते हैं कि नशा गुजरात से आ रहा है। बीएसएफ पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं?
जवाब : पंजाब की तरह गुजरात भी सीमावर्ती राज्य है, मगर वहां नशा पकड़ा जाता है, न कि पंजाब की तरह घर-घर पुड़ियों की तरह पहुंचता है। यहां गांवों में जाकर देखिए कि कैसे नशे की डिलीवरी होती है। इसे रोकना तो पंजाब पुलिस का काम है। नशा तस्करों को आज तक पंजाब पुलिस का डर क्यों नहीं है? खुद डीजीपी मान चुके हैं कि सीमा पार से 80 प्रतिशत नशे की आपूर्ति रुक चुकी है। यह किसने रोकी है? सीमा पर तो बीएसएफ तैनात है। किसी सैन्य बल को बदनाम कर सियासत करना ठीक नहीं।
सवाल : जालंधर में केंद्रीय मंत्री अमित शाह की रैली के बाद पार्टी नेताओं को क्या मंत्र दे गए?
जवाब : पंजाब में कुछ समय पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी आए और अब केंद्रीय मंत्री अमित शाह भी। पार्टी अध्यक्ष के नाते मैंने पीएम मोदी व केंद्रीय मंत्री शाह से कहा था कि पंजाब के हालात खराब हैं। दोनों नेताओं ने न केवल इस पर चिंता जताई, बल्कि साफ कहा था कि केंद्र पंजाब को बर्बाद होने के लिए नहीं छोड़ सकता। केंद्र पंजाबियों के लिए क्या कर रहा है, यह घर-घर जाकर पार्टी कार्यकर्ता लोगों को बता रहे हैं। वरिष्ठ नेता जो निर्देश दे गए हैं, उन पर काम शुरू हो चुका है। मोदी व शाह दोनों फिर पंजाब आएंगे।
सवाल : कांग्रेस को भी नया प्रभारी व प्रदेश अध्यक्ष मिल गया है। भाजपा किसके साथ मुकाबला मानती है?
जवाब : कांग्रेस कुछ भी कर ले, वहां घमासान कभी खत्म नहीं होगा। मैं 37 साल कांग्रेस में रहा हूं। वहां लड़ाई कुर्सी के लिए होती है, जबकि भाजपा में मुख्यमंत्री कौन बनेगा, यह कुछ नहीं पता। भाजपा मुख्यमंत्री चेहरे के साथ चुनाव में नहीं उतरेगी और कांग्रेस कभी एकजुट नहीं होगी। भाजपा का मुकाबला किसी से नहीं हैं। लोग यह कह रहे हैं कि हमने सभी राजनीतिक दलों को देख लिया है और अब भाजपा को देखना चाहती है। भाजपा को मौका मिलता है तो लोगों के हित में अहम फैसले लिए जाएंगे। भाजपा सीएम फेस के साथ नहीं उतरती है बल्कि अपने काम और पिछले ट्रैक रिकार्ड के आधार पर चुनाव लड़ती है।
सवाल : भाजपा के घोषणा पत्र में क्या प्रमुख मुद्दे रहेंगे?
जवाब : हमारा घोषणा पत्र बिल्कुल स्पष्ट होगा। भाजपा ही समझती है कि आखिरकार पंजाब को खुशहाल बनाने के लिए क्या चाहिए। घोषणा पत्र में हर वर्ग व समुदाय की खुशहाली से जुड़े मसले होंगे जो हमारा लिए संकल्प होगा। पंजाब कभी नंबर वन था, आज भी दुनिया के हर देश में कामयाबी पंजाब मिल जाएंगे। हम पंजाब की नब्ज समझते हैं। नाैजवान, खेल, महिला उत्थान, किसान-किसानी, कर्मचारी, उद्योग इत्यादि पर हमारा मुख्य फोकस रहेगा।
सवाल : भाजपा ने भाजपा दा नारा, नशा मुकाना सारा’ यात्रा शुरू की, कैसा रिस्पांस रहा और क्या स्थिति देखी?
जवाब : लोगों का बहुत अच्छा रिस्पांस मिला है। बड़े स्तर पर लोग इस यात्रा के जरिये जुड़े हैं। हमने लोगों का दर्द सुना है। नशा लोगों को बर्बाद कर रहा है।
लोगों के अंदर नशे के खिलाफ काफी दर्द है। नशा किसी को भी चपेट में ले सकता है। यह सिर्फ यात्रा नहीं है बल्कि नशे के खिलाफ हमारा संकल्प है।